डोनाल्ड ट्रंप और जॉर्जिया मेलोनी के बीच जमी बर्फ, जानिए अब दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर क्या बयान दिया

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हालिया तल्खी के बाद रिश्तों में सुधार के संकेत दिखे हैं, जहां ट्रंप ने उन्हें एक अच्छा इंसान बताया है।

डोनाल्ड ट्रंप और जॉर्जिया मेलोनी के रिश्तों में आया नया मोड़

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच पिछले कुछ समय से चल रही कड़वाहट के बाद अब सुलह की उम्मीदें जगी हैं। दोनों बड़े नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से चल रही तीखी बयानबाजी के दौर के बाद अब नरमी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने यह स्वीकार किया कि दोनों के बीच के रिश्ते कुछ समय पहले तनावपूर्ण हो गए थे, लेकिन उन्होंने मेलोनी को एक 'अच्छी इंसान' करार दिया है। वहीं, जॉर्जिया मेलोनी ने भी इस बात पर जोर दिया है कि उनके और ट्रंप के बीच 'सौहार्दपूर्ण संबंध' कायम हैं।

'मेलोनी एक अच्छी इंसान हैं'

तुर्किये की राजधानी अंकारा में राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने मेलोनी को लेकर अपनी राय रखी। ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि मेलोनी एक अच्छी इंसान हैं। वास्तव में हमारा यह सप्ताह काफी बेहतर रहा है। हमारे रिश्ते खराब हो गए थे। ये थोड़े खराब इसलिए हुए क्योंकि उन्होंने एक बार फिर हमारी मदद करने से इनकार कर दिया था। मुझे सच में लगता है कि वह अच्छी इंसान हैं, लेकिन मेरा मानना है कि उन्होंने वहां एक गलती की।' गौरतलब है कि ट्रंप का यह इशारा ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में इटली के सहयोग न देने की ओर था।

हाल ही में बढ़ी थी सार्वजनिक बयानबाजी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इटली पर मदद के लिए कोई बड़ा दबाव नहीं बनाया था, लेकिन सैन्य सहयोग के लिए मना किए जाने के बाद मेलोनी के साथ उनके रिश्तों में थोड़ी खटास पैदा हो गई थी। यह तल्खी उस समय चरम पर थी जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर मेलोनी के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा था कि 'रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर की जरूरत है।' इस सोशल मीडिया पोस्ट ने दोनों के बीच के मनमुटाव को जगजाहिर कर दिया था।

NATO सहयोगियों पर ट्रंप का निशाना

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब डोनाल्ड ट्रंप ने NATO के सहयोगी देशों, और विशेष रूप से इटली की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि अमेरिका वर्षों से उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा रहा है, लेकिन जब ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की बारी आई तो कई सहयोगियों ने अमेरिका का साथ नहीं दिया। इसी तरह के आरोप उन्होंने पिछले महीने ट्रुथ सोशल पर भी लगाए थे। दूसरी तरफ, NATO समिट के दौरान इतालवी पत्रकारों से बात करते हुए मेलोनी ने स्पष्ट किया कि उनके और ट्रंप के रिश्ते सौहार्दपूर्ण बने हुए हैं।

'गिड़गिड़ाने' के दावे पर हुआ था विवाद

तनाव की एक मुख्य वजह ट्रंप का वह दावा था जिसमें उन्होंने कहा था कि फ्रांस के एवियन में आयोजित हुए G-7 समिट के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए 'गिड़गिड़ाई' थीं। इस दावे को मेलोनी ने पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा था, 'न तो मैं और न ही इटली कभी किसी के आगे गिड़गिड़ाए हैं।' इस प्रकरण के बाद इटली के विदेश मंत्री ने अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा भी रद्द कर दी थी। इन तमाम मतभेदों के बावजूद, यह स्पष्ट है कि इटली अभी भी NATO के भीतर अमेरिका का एक अहम और मजबूत सहयोगी बना हुआ है।

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