बिहार के गोपालगंज जिले में प्रशासनिक सतर्कता और एक अनोखी पहल का मिला-जुला रूप देखने को मिला। अमूमन भारी-भरकम सरकारी सुरक्षा और गाड़ियों के काफिले के साथ चलने वाले जिले के दो शीर्ष अधिकारी बिल्कुल अलग ही अंदाज में नजर आए। गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ और पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने मंगलवार को सारे वीआईपी प्रोटोकॉल को किनारे रख दिया। दोनों अधिकारी अपनी चमचमाती सरकारी गाड़ियों को छोड़ साधारण दोपहिया वाहन यानी बाइक पर सवार होकर सीधे EVM-VVPAT वेयरहाउस का निरीक्षण करने पहुंच गए।
अधिकारियों के इस सादगी भरे रवैये ने न केवल वहां मौजूद लोगों को चौंकाया, बल्कि प्रशासनिक हलकों में भी इसकी जमकर चर्चा हो रही है। अधिकारियों की इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने के साथ-साथ आम जनता को पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा की बचत के प्रति जागरूक करना भी था।
सुरक्षा मानकों और पारदर्शिता का बारीक जायजा
डीएम समीर सौरभ और एसपी विनय तिवारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के विभिन्न प्रतिनिधियों की प्रत्यक्ष मौजूदगी में इस वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण संपन्न किया। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इस तरह का निरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जांच के दौरान दोनों अधिकारियों ने वेयरहाउस परिसर की सुरक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी चीज का बेहद करीब से मुआयना किया।
निरीक्षण के दौरान जिन मुख्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया, वे इस प्रकार हैं:
- त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था: वेयरहाउस की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा बलों की मुस्तैदी को परखा गया।
- सीसीटीवी सर्विलांस: परिसर में लगे कैमरों की क्रियाशीलता और उनकी रिकॉर्डिंग प्रणाली की सघन जांच की गई।
- अग्निशमन व्यवस्था: आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए लगाए गए अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता को परखा गया।
- साफ-सफाई और रखरखाव: मशीनों को नमी और अन्य प्राकृतिक प्रभावों से सुरक्षित रखने के लिए साफ-सफाई के स्तर को देखा गया।
सुरक्षा से समझौता नहीं: डीएम समीर सौरभ
वेयरहाउस की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी समीर सौरभ ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर उपस्थित संबंधित अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि मशीनों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए EVM और VVPAT मशीनों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने और चौबीसों घंटे निगरानी प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखने के आदेश दिए।
बाइक से सफर कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस पूरे दौरे की सबसे खास बात इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों का सफर करने का तरीका रहा। अमूमन ऐसे दौरों में सायरन बजाती गाड़ियां और सुरक्षा बलों की गाड़ियां आगे-पीछे चलती हैं, जिससे ईंधन की भारी खपत होती है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। लेकिन डीएम और एसपी ने इस बार दोपहिया वाहन को चुनकर समाज को एक बड़ा संदेश दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस छोटे से कदम से वे समाज को यह बताना चाहते थे कि ऊर्जा संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए हर व्यक्ति का छोटा प्रयास भी बेहद मायने रखता है। यदि बड़े पदों पर बैठे लोग इस तरह की शुरुआत करेंगे, तो आम नागरिक भी पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझेंगे। इस निरीक्षण के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने समूची व्यवस्था में जनता और राजनीतिक दलों के विश्वास को और मजबूत करने का काम किया।
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