सीतापुर में हॉस्टल संचालक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, RTI और शिकायतों से परेशान होकर नर्स ने दी थी 50 हजार की सुपारी

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में हॉस्टल संचालक मनोज शुक्ला की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है, जहां एक नर्स ने लगातार मिल रही शिकायतों से तंग आकर सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलवाया।

RTI और शिकायतों की रंजिश में गई हॉस्टल संचालक की जान

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बीते दिनों हुई हॉस्टल संचालक मनोज शुक्ला की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे कोई और नहीं, बल्कि एक महिला नर्स थी। आरोपी नर्स अस्पताल संचालक और खुद के खिलाफ लगातार हो रही RTI और झूठी शिकायतों से बेहद परेशान थी। इसी मानसिक परेशानी और रंजिश के चलते उसने हॉस्टल संचालक को रास्ते से हटाने के लिए 50 हजार रुपये की सुपारी देकर भाड़े के हत्यारों से इस वारदात को अंजाम दिलवाया।

महमूदाबाद कोतवाली पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता नर्स सहित दो शूटरों को धर दबोचा है। पुलिस ने इनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और नकदी भी बरामद कर ली है।

झाड़ियों में मिला था लहूलुहान शव

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मनोज शुक्ला पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास एक बॉयज हॉस्टल का संचालन करते थे। बीते 3 जुलाई की रात वह अपने परिवार से हॉस्टल जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब काफी देर रात तक मनोज वापस घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। उनके परिवार वालों ने मनोज की काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। अगली सुबह मनोज का खून से लथपथ शव झाड़ियों में पड़ा हुआ मिला। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। इस रहस्यमयी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस की कई टीमें जुटी हुई थीं।

पुलिस पूछताछ में नर्स ने कबूला अपना गुनाह

शुरुआती तफ्तीश के दौरान पुलिस को कुछ बेहद महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने बाराबंकी के एक नर्सिंग होम में कार्यरत नर्स जय देवी उर्फ जया को हिरासत में लिया। जब पुलिस ने शुरू में उससे पूछताछ की, तो वह अनजान बनी रही और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करती रही। लेकिन जब पुलिस ने उसके सामने पुख्ता तकनीकी सबूत और गवाहों के बयान रखे, तो वह टूट गई और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

जय देवी ने पुलिस को बताया कि मृतक मनोज शुक्ला उसके और उसके अस्पताल संचालक के खिलाफ आए दिन RTI के जरिए जानकारी मांगता था और विभिन्न विभागों में झूठी शिकायतें भेजकर उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा था। इस रोज-रोज की परेशानी से तंग आकर उसने मनोज शुक्ला की हत्या करवाने की खौफनाक साजिश रची।

50 हजार रुपये में तय हुआ था मौत का सौदा

इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए जय देवी ने बाराबंकी के रहने वाले दो शातिर अपराधियों, राजू और विनोद को 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी। वारदात की साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए नर्स ने आरोपियों को पहले ही 30 हजार रुपये बतौर एडवांस दे दिए थे, जबकि बाकी बचे 20 हजार रुपये काम पूरा होने के बाद देने का वादा किया था।

योजना के मुताबिक, 3 जुलाई की रात राजू और विनोद ने मनोज शुक्ला को रास्ते में घेरा और लकड़ी के भारी डंडों से पीट-पीठकर बेरहमी से उनकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे मौके से फरार हो गए। हत्या करने के तुरंत बाद सुपारी किलर्स ने नर्स को व्हाट्सएप कॉल के जरिए इस बात की सूचना दी और अपने बाकी बचे पैसों की मांग की।

पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, आरोपी भेजे गए जेल

ASP आलोक सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश महमूदाबाद कोतवाली और SOG टीम के बेहतरीन तालमेल की वजह से हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी जय देवी और दोनों शूटरों राजू व विनोद को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस को निम्नलिखित सामान बरामद हुआ है:

  • हत्या में इस्तेमाल किए गए दो लकड़ी के डंडे
  • 12 हजार रुपये की नकद राशि
  • वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल
  • दो मोबाइल फोन
  • मृतक मनोज शुक्ला की एक तस्वीर जो पहचान के लिए दी गई थी

पुलिस ने इस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच पूरी कर ली है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है ताकि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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