अमित शाह ने दिल्ली में शुरू किया 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में मिलीं 300 नई DEVi बसें

दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया है। इस दौरान 300 नई DEVi बसों के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की भी शुरुआत की गई।

देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी 7 जुलाई को दिल्ली में एक विशाल वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की है। 'एक पेड़ मां के नाम' नामक इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत दिल्ली में कुल 70 लाख पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य रखा गया है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव सहित देश और दिल्ली के कई अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ दिल्ली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अन्य अहम परियोजनाओं की शुरुआत भी की गई।

दिल्ली के रिज क्षेत्र का कायाकल्प और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि देश की प्रगति के लिए विकास और पर्यावरण दोनों का साथ चलना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि आज एक ही ऐतिहासिक मंच से दिल्ली की जनता के लिए कई जनकल्याणकारी परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। गृह मंत्री ने नरेला में बनने वाली नई हाई सिक्योरिटी जेल का डिजिटल माध्यम से e-लॉन्च किया। इसके साथ ही, दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए नई ईवी (EV) बसों को हरी झंडी दिखाई गई, जिसमें 300 नई DEVi बसें दिल्ली की जनता को समर्पित की गई हैं।

गृह मंत्री ने दिल्ली के ऐतिहासिक रिज क्षेत्र के पुनरुद्धार पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के फेफड़े कहे जाने वाले रिज क्षेत्र को फिर से संवारने (इको-रेस्टोरेशन) का काम शुरू कर दिया गया है। दिल्ली के पर्यावरण के लिए रिज क्षेत्र का संरक्षण बेहद जरूरी है, क्योंकि वर्तमान में यहां मौजूद बबूल और कीकड़ के पेड़ स्थानीय वातावरण के अनुकूल नहीं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र को रिज घोषित किया है। गृह मंत्री ने घोषणा की कि अगले तीन सालों के भीतर इस पूरे रिज क्षेत्र में ऐसे पारंपरिक वृक्ष लगाए जाएंगे जो 100 साल से भी अधिक समय तक जीवित रह सकें। उन्होंने जनता से इस मुहिम से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि एक विशेष पोर्टल की मदद से कोई भी नागरिक इस वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि जलवायु असंतुलन के बढ़ते खतरे को कम करने का एकमात्र उपाय बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण ही है। उन्होंने पूरे विश्व को संदेश दिया कि पर्यावरण के संरक्षण के बिना वास्तविक विकास संभव नहीं है।

प्रकृति और विकास का संतुलन, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संबोधन

इस गरिमामयी अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार के सहयोग की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चाहे कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करना हो, यमुना नदी की सफाई का बड़ा काम हो या फिर पर्यावरण के संरक्षण का संवेदनशील मुद्दा हो, गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार का सहयोग हमेशा तत्परता से मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब केंद्र सरकार और राज्य सरकार आपस में समन्वय बनाकर काम करती हैं, तो जनता से जुड़ा हर कठिन काम आसानी से पूरा हो जाता है।

रेखा गुप्ता ने दिल्ली में चल रहे इको-रेस्टोरेशन के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें प्रकृति से कुछ भी लेने से पहले उसका सम्मान करना सीखना होगा। दिल्ली सरकार इसी दूरदर्शी सोच के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने साफ किया कि विकास और प्रकृति कभी एक-दूसरे के विरोधी नहीं हो सकते, बल्कि ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। दिल्ली में इस समय जनता की सेवा के लिए समर्पित सरकार काम कर रही है, और जब डबल-इंजन की सरकार एक ही दिशा में कदम आगे बढ़ाती है, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को दिल्ली के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ग्रीन कवरेज अभियान बताया।

ग्रीन बजट से मिलेगी दिल्ली को नई दिशा, खुलेंगे 100 ऑक्सीजन पार्क

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के पर्यावरण को सुधारने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे ठोस कदमों का ब्यौरा भी साझा किया। सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण घोषणाएं और जानकारियां साझा कीं:

  • ग्रीन बजट की पहल: दिल्ली सरकार ने इस बार के बजट को विशेष रूप से 'ग्रीन बजट' के रूप में पेश किया है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
  • 100 ऑक्सीजन पार्क की योजना: गुजरात मॉडल की तर्ज पर अब दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भी अत्याधुनिक ऑक्सीजन पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके तहत पूरी दिल्ली में कुल 100 ऑक्सीजन पार्क बनाने की तैयारी है, जिनमें से शुरुआती चरण में 18 पार्कों पर काम भी शुरू हो चुका है।
  • आरडब्ल्यूए (RWA) को वित्तीय मदद: दिल्ली के स्थानीय पार्कों की स्थिति को सुधारने और उनके रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए सरकार स्थानीय आरडब्ल्यूए (RWA) को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
  • ईवी बसों का रिकॉर्ड बेड़ा: दिल्ली की सड़कों पर प्रदूषण कम करने के लिए 300 नई ईवी बसों की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में कुल ईवी (EV) बसों की संख्या बढ़कर अब 4,800 हो गई है, जो देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में सबसे अधिक है।
  • भविष्य का लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य साल 2027 तक दिल्ली की सड़कों पर पर्यावरण अनुकूल 7,000 ईवी बसें उतारने का है।
  • नंद नगरी में एटीएस (ATS): इससे पहले दिल्ली में वाणिज्यिक बसों की फिटनेस और तकनीकी जांच के लिए कोई आधुनिक तकनीक उपलब्ध नहीं थी। लेकिन आज नंद नगरी में एक अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) का उद्घाटन किया गया है, जिससे बसों की टेस्टिंग आसानी से हो सकेगी।
  • नरेला में हाई-सिक्योरिटी जेल: दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नरेला में एक नई हाई-सिक्योरिटी जेल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रसिद्ध तिहाड़ जेल को भी चरणबद्ध तरीके से नरेला की नई जेल में शिफ्ट करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

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