उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की एक बेहद ही संवेदनहीन और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां महज एक घड़े से पानी पीने की वजह से एक दलित समुदाय के मजदूर को बेरहमी से पीटा गया। आरोपी ने न केवल पीड़ित के साथ मारपीट की, बल्कि उसे जातिसूचक अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपी का तर्क था कि एक निचली जाति के व्यक्ति द्वारा घड़े को छू लेने से पानी और बर्तन दोनों ही अपवित्र हो गए हैं। इस पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
दवा खाने के लिए मांगा था पानी
यह पूरी घटना बीते 23 जून की बताई जा रही है। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, पीड़ित मजदूर भोला गौतम अपने साथी ओम प्रकाश विश्वकर्मा के साथ पुताई का काम खत्म करके अपने घर लौट रहा था। घर वापस आते समय अचानक भोला के सिर में तेज दर्द शुरू हो गया। दर्द से राहत पाने के लिए उसने पास ही मौजूद एक निजी क्लिनिक से दवा खरीदी। दवा खाने के लिए जब उसने वहां पानी की मांग की, तो उसे क्लिनिक के बाहर रखे मिट्टी के घड़े से खुद पानी लेकर पीने के लिए कहा गया।
जातिसूचक गालियों के साथ लाठियों से हमला
शिकायतकर्ता भोला गौतम ने बताया कि जैसे ही उसने पानी पीने के लिए घड़े को हाथ लगाया, वहीं पास में दुकान चलाने वाले सुभाष बिंद नाम के व्यक्ति की नजर उस पर पड़ गई। भोला को घड़े से पानी पीते देख सुभाष बिंद बुरी तरह भड़क गया। उसने तुरंत भोला को जातिसूचक गालियां देना शुरू कर दिया। आरोपी ने चिल्लाते हुए कहा कि एक निचली जाति का व्यक्ति इस घड़े का इस्तेमाल कैसे कर सकता है। विवाद यहीं नहीं थमा, आरोपी सुभाष बिंद ने पास ही पड़ी लाठी उठाई और भोला पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी का कहना था कि दलित के छूने से पूरा घड़ा और उसका पानी अपवित्र हो चुका है। मारपीट के दौरान आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
गंभीर हालत में 12 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा पीड़ित
इस हिंसक हमले में भोला गौतम गंभीर रूप से घायल हो गया। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के समय मौके पर मौजूद पीड़ित के साथी मजदूर और कुछ स्थानीय राहगीरों ने बीच-बचाव कर किसी तरह भोला को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया। इस हमले में भोला के सिर, पेट, पीठ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। लहूलुहान हालत में उसे तुरंत पास के जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां भोला की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया। वाराणसी के अस्पताल में पीड़ित को करीब 12 दिनों तक भर्ती रहकर अपना इलाज कराना पड़ा।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, दो आरोपी गिरफ्तार
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पीड़ित भोला गौतम ने 5 जुलाई को भदोही पुलिस से संपर्क किया और अपने साथ हुई इस बर्बरता की पूरी कहानी बयां की। पीड़ित की शिकायत और बयान के आधार पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। सोमवार देर रात को पुलिस ने मामले से संबंधित विभिन्न कानूनी धाराओं और SC/ST Act के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी सुभाष बिंद और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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