बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद शराब माफिया राज्य में शराब की खेप पहुंचाने के लिए नए-नए और हैरान करने वाले हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला बिहार के मधुबनी जिले से सामने आया है, जहां पुलिस ने तस्करों की एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है जिसे देखकर कानून के रखवाले भी दंग रह गए। शराब तस्करों ने इस बार पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए सड़क मार्ग को छोड़कर नदी के रास्ते का इस्तेमाल किया।
मधुबनी के जयनगर थाना क्षेत्र में बहने वाली कमला नदी में अचानक तैरती हुई कई प्लास्टिक की बोरियां देखी गईं। नदी में बहते हुए इन रहस्यमयी थैलों को देखकर स्थानीय लोगों और पुलिस को शक हुआ। जब पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन बोरियों को नदी से बाहर निकाला और उन्हें खोला, तो उनके अंदर का नजारा देखकर वहां मौजूद सभी लोग सन्न रह गए। इन बोरियों में भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाई गई थी, जिसे नेपाल से भारत सीमा के अंदर भेजने की कोशिश की जा रही थी।
कमला नदी के पानी में बहकर आ रही थी शराब
तस्करों ने इस बार तस्करी का बेहद अनोखा और शातिराना तरीका अपनाया था। पुलिस के अनुसार, इस अभियान में कुल 2160 लीटर नेपाली देशी और विदेशी शराब बरामद की गई है। तस्करों का यह प्लान था कि वे बिना किसी गाड़ी या सड़क मार्ग का इस्तेमाल किए, सीधे नदी के तेज बहाव और नावों की मदद से शराब की खेप को सीमा पार पहुंचा सकें। इस तरह वे पुलिस के चेकपोस्ट और नियमित चेकिंग से सुरक्षित बच निकलते, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनके इस बड़े मंसूबे पर पानी फेर दिया।
पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना, काली मंदिर घाट पर छापा
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए जयनगर के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सदानंद कुमार ने बताया कि पुलिस विभाग को पहले ही एक अत्यंत गोपनीय और पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी। गुप्त सूचना में बताया गया था कि शराब तस्कर इस बार सड़क मार्ग या किसी चार पहिया वाहन के बजाय कमला नदी के बहाव का सहारा लेकर नेपाल से शराब की एक बड़ी खेप भारतीय सीमा में भेजने वाले हैं।
इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए नदी के किनारे स्थित काली मंदिर के पास स्थित घाट पर घेराबंदी की और छापेमारी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान नदी के किनारे पानी में तैरती हुई संदिग्ध प्लास्टिक की बोरियां दिखाई दीं। जब पुलिस ने पानी में उतरकर इन बोरियों को बाहर निकाला और उनकी जांच की, तो बड़ी कामयाबी हाथ लगी।
सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की थी बड़ी साजिश
जब्त की गई शराब की मात्रा को देखकर साफ है कि यह शराब माफियाओं का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है। कुल बरामद की गई 2160 लीटर नेपाली शराब की खेप को नदी के रास्ते भेजने की यह चाल बेहद सुनियोजित थी। पुलिस का मानना है कि तस्करों ने सोचा था कि नदी के रास्ते पर पुलिस की चौकसी कम होती है और वहां कोई सीसीटीवी या नियमित चेकपोस्ट नहीं होते हैं, जिससे वे आसानी से इस अवैध माल को बिहार के बाजारों में पहुंचा देंगे।
तस्करों की धरपकड़ के लिए छापेमारी तेज
जयनगर डीएसपी सदानंद कुमार ने आगे कहा कि शराब माफिया चाहे जितने भी नए तरीके अपना लें, पुलिस उनके हर पैंतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। बरामद की गई शराब को पुलिस ने जब्त कर लिया है और इसे थाने लाया गया है। इस अवैध धंधे और तस्करी के बड़े रैकेट से जुड़े लोगों की पहचान करने के लिए पुलिस लगातार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया जाएगा और घटना में शामिल सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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