भोजपुर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर विशेष अभियान, 57 हजार लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी हुआ बेहद आसान

बिहार के भोजपुर जिले में पेंशनभोगियों के लिए प्रशासन ने शुरू किया विशेष शिविर अभियान, जहां केवल आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए मिनटों में पूरा होगा जीवन प्रमाणीकरण।

बिहार के भोजपुर जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे हजारों लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने जिले के लगभग 57,000 पेंशनधारकों के लिए एक विशेष सहयोग अभियान की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य और जरूरतमंद लाभार्थी तकनीकी कारणों से अपनी पेंशन से वंचित न रह जाए। जिन लोगों का अभी तक ई-केवाईसी (e-KYC) और जीवन प्रमाणीकरण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है, उनके लिए प्रशासन ने पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक बेहद सुलभ व्यवस्था की है।

आसान हुई प्रक्रिया, स्थानीय स्तर पर मिलेंगे शिविर

पेंशनधारकों को दूर-दराज के चक्कर काटने से बचाने के लिए प्रशासन बेहद गंभीर है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर ही विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर भी यह महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लाभार्थियों को किसी भी तरह के जटिल कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी। लाभार्थियों को केवल कुछ आसान प्रक्रियाओं का पालन करना होगा:

  • पेंशनधारक को अपने साथ केवल अपना मूल आधार कार्ड लेकर नजदीकी सहयोग शिविर, कॉमन सर्विस सेंटर या प्रखंड कार्यालय में जाना होगा।
  • वहां मौजूद कंप्यूटर ऑपरेटर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन (जैसे उंगलियों के निशान या आंखों की पुतली का स्कैन) के जरिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करेंगे।
  • बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होते ही जीवन प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया महज कुछ ही मिनटों में संपन्न हो जाएगी।

पेंडिंग सत्यापन को लेकर प्रशासन की विशेष अपील

लंबित पड़े मामलों पर प्रशासन की पैनी नजर

भोजपुर जिले में वर्तमान में भी बड़ी संख्या में ऐसे पेंशनधारक हैं, जिनका वार्षिक सत्यापन अभी तक लंबित है। इनमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन के लाभार्थी मुख्य रूप से शामिल हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार बिल्कुल न करें और समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा करवा लें, ताकि भविष्य में उनकी मासिक पेंशन में कोई रुकावट न आए।

इस विशेष अभियान का सबसे बड़ा फायदा बुजुर्गों, बीमार लोगों और दिव्यांगों को मिल रहा है। पहले इन लोगों को अपने जीवित होने का प्रमाण देने के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब पंचायत स्तर पर ही शिविर लग जाने से ग्रामीण इलाकों के लाभार्थियों को अपने घर के पास ही यह सेवा मिल रही है।

सीधे बैंक खाते में आएगी 1100 रुपये की पेंशन

जिला प्रशासन का कहना है कि जैसे ही किसी लाभार्थी का ई-केवाईसी और जीवन प्रमाणीकरण का काम पूरा होता है, उसकी जानकारी तत्काल सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट कर दी जाती है। इस ऑनलाइन अपडेशन के बाद हर महीने मिलने वाली 1100 रुपये की पेंशन राशि बिना किसी बाधा के सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। योजना में पारदर्शिता लाने और लाभार्थियों की सहूलियत के लिए ही इस पूरी व्यवस्था को डिजिटल और बेहद आसान बनाया गया है।

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