भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: विजिलेंस की जाल में फंसा घूसखोर लिपिक
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजधानी पटना के संपतचक अंचल कार्यालय और धनरूआ क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर धनरूआ अंचल कार्यालय में कार्यरत एक अंचल लिपिक को 50,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
खानदानी जमीन की जमाबंदी के नाम पर मांगी थी रिश्वत
यह पूरा मामला पारिवारिक जमीन के दाखिल-खारिज और जमाबंदी से जुड़ा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी क्लर्क शैलेश कुमार पिछले 3 वर्षों से धनरूआ अंचल कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत था। पटना जिले के रमनीबीघा गांव के रहने वाले शिकायतकर्ता राजकुमार ने अपनी खानदानी जमीन की जमाबंदी कराने के लिए अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था। इस काम को पूरा करने के एवज में लिपिक शैलेश कुमार द्वारा 50,000 रुपये की घूस मांगी जा रही थी। राजकुमार रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे, इसलिए उन्होंने इस भ्रष्ट आचरण की शिकायत विजिलेंस विभाग से कर दी।
DSP के नेतृत्व में निगरानी टीम ने बिछाया जाल
शिकायत प्राप्त होने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का गुप्त रूप से सत्यापन कराया। आरोपों की पुष्टि होने के बाद, विभाग के DSP आसिफ रफीक मेहंदी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। 6 जुलाई 2026, दिन सोमवार को इस टीम ने धनरूआ अंचल कार्यालय के आसपास अपना जाल बिछाया। जैसे ही राजकुमार ने आरोपी क्लर्क शैलेश कुमार को केमिकल लगी हुई रिश्वत की राशि सौंपी, वैसे ही मुस्तैद निगरानी टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पूछताछ और CO कार्यालय में सघन जांच
इस औचक कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय परिसर में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि अंचल और प्रखंड के सभी कर्मी दोपहर का भोजन करने के लिए एक ही होटल में जाते हैं। आरोपी शैलेश कुमार भी खाना खाने के बाद वापस अपने कार्यालय लौट रहा था, तभी विजिलेंस की टीम ने उसे दबोचा। क्लर्क की गिरफ्तारी के बाद टीम ने CO कार्यालय की भी सघन जांच की। जांच दल ने CO कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर करीब 45 मिनट तक जरूरी फाइलों और दस्तावेजों को खंगाला। जांच पूरी करने के बाद टीम आरोपी क्लर्क को अपने साथ पटना स्थित मुख्यालय ले आई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस के अधिकारी अब इस पहलू पर भी जांच कर रहे हैं कि इस घूसखोरी के पीछे अंचल के किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी या CO की कोई मिलीभगत तो नहीं है।
https://www.indiatv.in/bihar/major-vigilance-action-in-patna-circle-clerk-arrested-while-accepting-a-bribe-of-50000-2026-07-07-1229618