मऊगंज में पुलिस का बड़ा एक्शन: किराए के मकान में चल रही थी एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री, चार गिरफ्तार

मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और नशे का यह जाल मऊगंज से लेकर मुंबई तक फैला हुआ था।

मध्यप्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट

मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव में एक मकान को किराए पर लेकर पिछले 5 से 6 महीनों से एमडी ड्रग्स बनाने का अवैध कारखाना चलाया जा रहा था। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद जब उन्होंने इस मकान पर छापेमारी की, तो भीतर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

किराए के घर में चल रही थी मिनी केमिस्ट्री लैब

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व मऊगंज पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र जैन ने खुद किया। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम, एसडीओपी सचि पाठक और शाहपुर थाना प्रभारी ऋषि द्विवेदी की एक विशेष टीम गठित की। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो मकान किसी केमिस्ट्री लैब की तरह नजर आ रहा था। कमरे के भीतर एमडी ड्रग्स तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई तरह के घातक केमिकल, कांच के बीकर और अन्य उपकरण बड़ी मात्रा में बरामद हुए।

भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स बरामद

पुलिस ने छापेमारी के दौरान कमरे में रखे एक पैकेट से लगभग 360 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की। इस ड्रग्स का वजन खुद पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र जैन ने मौके पर मौजूद मशीन की सहायता से किया। पूछताछ में सामने आया है कि इस अवैध नशे का नेटवर्क सिर्फ मऊगंज या रीवा तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसकी जड़ें मुंबई तक फैली हुई थीं। आरोपी न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि बड़े बाजारों में भी इस घातक ड्रग्स की सप्लाई कर रहे थे। पिछले 4 से 5 महीनों से इलाके में एमडी ड्रग्स और कोरेक्स के बढ़ते चलन की खबरें लगातार सामने आ रही थीं, जिस पर पुलिस ने अब शिकंजा कसा है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस ने मौके से कुल चार लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  • चंदन सिंह (उम्र 26 वर्ष)
  • अशोक गुप्ता (उम्र 40 वर्ष)
  • पीकचंद्र यादव (उम्र 21 वर्ष)
  • ऋषभ सेन (उम्र 18 वर्ष)

ये सभी आरोपी पड़ोसी जिले रीवा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र जैन के अनुसार, फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों के तार और किन-किन बड़े तस्करों से जुड़े हैं, ये लोग केमिकल कहां से मंगवाते थे और तैयार ड्रग्स को किन-किन शहरों में खपाते थे। पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस आगे की कड़ी कार्रवाई कर रही है।

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