मध्य प्रदेश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य के शिवपुरी जिले में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा मिसाइल और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को शिवपुरी के पोलोग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान 2500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाले अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। इस रक्षा कारखाने के निर्माण से न केवल मध्य प्रदेश की औद्योगिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक पटल पर भी शिवपुरी का नाम सम्मान के साथ लिया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना शिवपुरी के कोलारस क्षेत्र के अंतर्गत पाली के पास स्थापित की जा रही है, जिसके अगले तीन वर्षों में पूरी तरह बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
अत्याधुनिक हथियारों से लैस होगी देश की सीमा
शिलान्यास समारोह से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अडानी समूह द्वारा प्रदर्शित अत्याधुनिक हथियारों, मिसाइलों और रक्षा उपकरणों के मॉडलों का विस्तृत अवलोकन किया। सेना के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री को इस कारखाने में तैयार होने वाले रक्षा उत्पादों, उनकी निर्माण क्षमता और उन्नत तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भगवान न करे, लेकिन जब भी देश की सुरक्षा के लिए युद्ध होगा, तब शिवपुरी में बने हथियार और गोला-बारूद सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के काम आएंगे। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यहां के स्थानीय युवाओं के कौशल और कड़ी मेहनत से तैयार होने वाले हथियार दुश्मनों के हौसले पस्त करने का काम करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 211 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।
मध्य प्रदेश में अडानी समूह का बड़ा निवेश और रोजगार योजना
कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद अडानी समूह के निदेशक जीत अडानी ने समूह की भविष्य की योजनाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने पूर्व में मध्य प्रदेश के विकास के लिए 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का संकल्प व्यक्त किया था। यह विशाल निवेश राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा है, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
- पंप हाइड्रो स्टोरेज परियोजनाएं
- सीमेंट विनिर्माण इकाइयां
- खनन (माइनिंग) क्षेत्र का विकास
- लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क
- थर्मल एनर्जी (तापीय ऊर्जा) परियोजनाएं
जीत अडानी ने कहा कि समूह का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2030 तक मध्य प्रदेश में लगभग 1 लाख 20 हजार लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
आगामी तीन वर्षों में धरातल पर उतरेगी परियोजना
कोलारस के पाली में बनने वाला यह रक्षा संयंत्र आगामी तीन वर्षों के भीतर पूरी तरह से क्रियाशील हो जाएगा। इस अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र में छोटे और बड़े दोनों तरह के गोला-बारूद के साथ-साथ जटिल मिसाइल प्रणालियों का भी उत्पादन किया जाएगा। अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होने के कारण यह एशिया महाद्वीप के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य विनिर्माण केंद्रों में से एक बन जाएगा। इस विकास से न केवल मध्य प्रदेश में औद्योगिक क्रांति आएगी बल्कि देश की रक्षा जरूरतों के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने के सपने को भी मजबूती मिलेगी।
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