अजमेर में रिश्तों का कत्ल: भतीजे ने पत्नी के साथ मिलकर उड़ाए डेढ़ करोड़ रुपये, बिना ताला तोड़े ऐसे दिया वारदात को अंजाम

राजस्थान के अजमेर में पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपये की बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए पीड़ित के सगे भतीजे और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने नकली चाबी से वारदात को अंजाम दिया था।

राजस्थान के अजमेर शहर से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी के बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए पीड़ित के ही सगे भतीजे और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घर के ताले टूटे बिना ही सारा कीमती सामान गायब हो गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपियों को दबोचा, बल्कि उनके पास से चोरी गया शत-प्रतिशत माल भी बरामद कर लिया है।

तिजोरी साफ, पर ताला साबुत: उलझ गई थी पुलिस

यह पूरा मामला अजमेर के आदर्श नगर थाना क्षेत्र का है। यहां के निवासी गोपाल खंडेलवाल ने 1 जुलाई को पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके सूने घर से भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के कीमती आभूषण और अन्य मूल्यवान सामान चोरी हो गया है। चोरी गए माल की कुल कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई थी।

चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए आदर्श नगर थाना पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और जांच शुरू की। जब पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया, तो वे हैरान रह गए। घर का कोई भी ताला या तिजोरी टूटी हुई नहीं थी। ऐसे में पुलिस को तुरंत संदेह हुआ कि इस वारदात में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ है जो घर के चप्पे-चप्पे से वाकिफ था और जिसके पास आसानी से चाबियां उपलब्ध थीं।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला राज

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) हिमांशु जांगिड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस का शक परिवार के ही एक सदस्य मनीष खंडेलवाल पर गया, जो पीड़ित गोपाल खंडेलवाल का सगा भतीजा है।

पुलिस ने जब मनीष और उसकी पत्नी डिप्टी खंडेलवाल को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से पूछताछ की, तो दोनों ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल पाए। आरोपियों ने आखिरकार अपना गुनाह कबूल कर लिया और पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

योजनाबद्ध तरीके से बनाई थी दूसरी चाबी

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे काफी समय से इस चोरी की साजिश रच रहे थे। मनीष और उसकी पत्नी डिप्टी खंडेलवाल ने मिलकर पहले ही गोपाल खंडेलवाल के घर की असली चाबी हासिल कर ली थी और उसकी मदद से एक दूसरी चाबी तैयार करवा ली थी। 1 जुलाई को जब उन्हें मौका मिला, तो दोनों ने उसी नकली चाबी का इस्तेमाल कर बिना किसी शोर-शराबे या ताला तोड़े घर के अंदर प्रवेश किया। उन्होंने अलमारी खोलकर वहां रखे करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेटी और वहां से फरार हो गए।

पुलिस ने बरामद किया शत-प्रतिशत माल

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ ने मामले का सफल खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया पूरा का पूरा माल बरामद कर लिया है। बरामद किए गए सामान में सोने और चांदी के आभूषणों के साथ ही भारी मात्रा में नकदी शामिल है। पुलिस की इस तत्परता और शत-प्रतिशत बरामदगी से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी मनीष खंडेलवाल और डिप्टी खंडेलवाल को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल पुलिस इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस बड़ी वारदात में इन दोनों के अलावा कोई और भी शामिल था या नहीं।

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