नोएडा में 'गुलेल' से चोरी करने वाले अनोखे गिरोह का पर्दाफाश, रेकी करने का तरीका देख पुलिस भी रह गई दंग

नोएडा पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो गुलेल की मदद से बंद पड़े घरों की पहचान करते थे और फिर महज कुछ ही मिनटों में चोरी कर फरार हो जाते थे।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक बेहद शातिर और अनोखे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिसकी कार्यप्रणाली ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। यह गिरोह किसी भी बंद मकान में सेंधमारी करने से पहले यह सुनिश्चित करता था कि घर के अंदर कोई मौजूद है या नहीं। इसके लिए वे किसी आधुनिक उपकरण का नहीं, बल्कि पारंपरिक गुलेल का सहारा लेते थे। इस गिरोह के शातिर अपराधी घर के दरवाजों और खिड़कियों पर गुलेल से कंकड़ मारते थे और यदि अंदर से कोई हलचल या आवाज नहीं आती थी, तो वे समझ जाते थे कि पूरा घर खाली है। इसके बाद महज कुछ ही मिनटों में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।

नोएडा पुलिस ने इस अनोखे गैंग का भंडाफोड़ करते हुए इसके दो सक्रिय सदस्यों को 4 जुलाई को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फिरोज उर्फ बबलू और आशीष के रूप में हुई है, जिन पर पिछले चार महीनों में नोएडा के विभिन्न रिहायशी इलाकों में दर्जनों चोरियों को अंजाम देने का आरोप है।

गुलेल और कंकड़ से ऐसे करते थे खाली घरों की पहचान

अपर पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर और योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य दिन के समय या शाम को चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर विभिन्न सेक्टरों और पॉश कॉलोनियों के चक्कर काटते थे। वे विशेष रूप से ऐसे घरों को निशाना बनाते थे जिनके बाहर कई दिनों के समाचार पत्र पड़े रहते थे या फिर रात के समय जिन घरों की बत्तियां बंद रहती थीं।

संभावित बंद घर की पहचान करने के बाद, चोर अपनी गुलेल निकालते थे और खिड़की या मुख्य दरवाजे पर छोटे-छोटे पत्थर मारते थे। इसके पीछे का मकसद यह जानना होता था कि घर के भीतर कोई व्यक्ति मौजूद है या नहीं। यदि पत्थर की आवाज सुनकर अंदर से कोई बाहर आता या खिड़की से झांकता, तो चोर वहां से चुपचाप खिसक जाते थे। लेकिन अगर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती थी, तो वे पूरी तरह आश्वस्त हो जाते थे कि परिवार कहीं बाहर गया हुआ है और मकान पूरी तरह खाली है।

दिन में उबर टैक्सी चालक, रात में बन जाता था चोर

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का सरगना फिरोज है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का निवासी है। गिरफ्तारी के समय वह नोएडा के सेक्टर-93 इलाके में रह रहा था। फिरोज केवल तीसरी कक्षा तक पढ़ा है, लेकिन उसका आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। उसके खिलाफ चोरी, लूटपाट और गैंगस्टर कानून के तहत कुल 12 आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि फिरोज दिन के समय खुद को एक उबर चालक के रूप में पेश करता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। वह दिनभर सामान्य नागरिक की तरह गाड़ी चलाता था और रात होते ही अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाता था और बंद पड़े मकानों की रेकी करता था।

वहीं, इस गिरोह में उसका मुख्य सहयोगी आशीष है, जो शैक्षणिक रूप से काफी योग्य है। आशीष ने B.Com तक पढ़ाई की है, लेकिन गलत संगत के कारण वह अपराध की दुनिया में आ गया। आशीष के खिलाफ भी विभिन्न थानों में पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले भी जेल की हवा खा चुका है।

चंद मिनटों में वारदात और कीमती सामान पर हाथ साफ

एक बार जब गिरोह को यकीन हो जाता था कि घर पूरी तरह से खाली है, तो वे तुरंत हरकत में आ जाते थे। आरोपियों के पास ताले तोड़ने के विशेष और भारी औजार होते थे, जिनकी मदद से वे मुख्य द्वार का ताला चंद सेकेंडों में तोड़ देते थे। घर के भीतर प्रवेश करने के बाद, वे बेहद तेजी से काम करते थे। उनका मुख्य ध्यान बेडरूम, अलमारियों और लॉकर पर होता था। वे केवल 15 से 30 मिनट के भीतर पूरी वारदात को अंजाम देकर वहां से रफूचक्कर हो जाते थे।

चोरी के दौरान वे मुख्य रूप से निम्नलिखित सामानों को अपना निशाना बनाते थे:

  • सोने और चांदी के कीमती आभूषण
  • नकद राशि
  • महंगे लैपटॉप और टैबलेट
  • स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स
  • अन्य मूल्यवान घरेलू सामग्रियां

चोरी की वारदातों में चोरी की ही बाइकों का इस्तेमाल किया जाता था ताकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनके वास्तविक वाहनों को ट्रैक न कर सके। इस वजह से लंबे समय तक पुलिस को इन्हें पकड़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पुलिस कार्रवाई में नकद राशि और औजार बरामद

नोएडा के सेक्टर-20 थाने की पुलिस टीम को इस गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सेक्टर-29 के पास से दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर धर दबोचा। पुलिस ने इनके कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:

  • एक चोरी की मोटरसाइकिल (जिसका इस्तेमाल वारदात में किया जाता था)
  • मकानों के ताले और कुंडी काटने के औजार
  • 20,500 रुपये नकद
  • दो चाकू
  • चोरी का अन्य सामान

ACP प्रवीण सिंह ने बताया कि पुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों अपराधियों ने नोएडा के कई इलाकों में बंद पड़े घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों के रिकॉर्ड का मिलान उन लंबित मामलों से कर रही है जहां हाल के दिनों में चोरियां हुई हैं। पुलिस अधिकारियों को पूरा विश्वास है कि इन दोनों की गिरफ्तारी से नोएडा में हाल ही में हुई कई अन्य बड़ी चोरियों का भी पर्दाफाश होगा और चोरी गया सामान बरामद करने में मदद मिलेगी।

https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/noida-burglars-used-slingshots-to-check-if-homes-were-empty-before-striking-2-arrested-2026-07-05-1229347