10 साल बाद बढ़ा मानदेय, यूपी के सरकारी वकीलों ने जताई खुशी– '2016 से कर रहे थे इंतजार'

उत्तर प्रदेश सरकार ने शासकीय अधिवक्ताओं और विधि अधिकारियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला लिया है, जिसका मिर्जापुर के वकीलों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि करीब 10 साल बाद हुई इस वृद्धि से बड़ी राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ताओं और विधि अधिकारियों के मानदेय में बढ़ोतरी किए जाने के निर्णय का मिर्जापुर के अधिवक्ताओं ने खुले मन से स्वागत किया है। वकीलों का कहना है कि यह मांग लंबे अरसे से लंबित पड़ी थी और करीब 10 साल बाद मानदेय बढ़ने से उन्हें बड़ी राहत महसूस हो रही है।

कैबिनेट की बैठक के बाद शासकीय अधिवक्ता, अभियोजन से जुड़े लोगों समेत अन्य के मानदेय में इजाफा किया गया है। इस फैसले के बाद सरकारी वकीलों ने सरकार की सराहना करते हुए कहा कि यह मांग काफी समय से चली आ रही थी और अब इसे पूरा कर दिया गया है। उन्होंने आभार जताते हुए बताया कि लंबे समय से मानदेय न बढ़ने के कारण उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

राज्य के हितों की रक्षा में अहम भूमिका

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आलोक राय ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न सरकारी न्यायालयों में राज्य की ओर से विधि अधिकारियों की नियुक्ति की है। सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय और तहसील स्तर तक शासकीय अधिवक्ता तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों को सुरक्षित रखने में शासकीय अधिवक्ताओं का बड़ा योगदान रहता है। मानदेय बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठती आ रही थी, जिसे अब पूरा किया गया है। इसके लिए वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई और धन्यवाद देना चाहते हैं, जिन्होंने उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान दिया।

मुख्यमंत्री के प्रति विशेष आभार

आलोक राय ने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य सरकार के लिए काम करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं की समस्याओं को स्वयं समझा और उनके समाधान का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में शासकीय अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे अपराधियों को सजा दिलाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लगातार मेहनत करते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए रिटेनरशिप शुल्क और प्रति वाद (पर केस) फीस में वृद्धि का अहम फैसला लिया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल है। उन्होंने हृदय की गहराइयों से मुख्यमंत्री का आभार जताया और धन्यवाद दिया।

2016 से नहीं बढ़ा था मानदेय

काशीनाथ दुबे ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद से उनके मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी और अब 10 साल बाद यह वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि 2021 में भी मानदेय बढ़ाने पर चर्चा चल रही थी, लेकिन कोरोना के चलते इसमें देरी हो गई। दुबे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने समस्याओं को समझकर मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया, जिसका लाभ उन्हें मिलेगा और वे शासन के प्रति पूरी दृढ़ता के साथ काम करते रहेंगे।

https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/mirzapur-up-government-increases-honorarium-for-advocates-mirzapur-lawyers-express-happiness-local18-10541235.html