बिहार एनकाउंटर मामला: भरत तिवारी की मौत के बाद परिवार पर मंडराया संकट, देर रात घर के चक्कर काट रही संदिग्ध गाड़ी

बिहार के भोजपुर में कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों ने सुरक्षा की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि रात के अंधेरे में एक बिना नंबर की संदिग्ध कार उनके घर की रेकी कर रही है, जिससे वे बेहद डरे हुए हैं।

बिहार के भोजपुर जिले में कथित पुलिस एनकाउंटर में अपनी जान गंवाने वाले भरत भूषण तिवारी के परिजनों के ऊपर अब एक नया संकट मंडरा रहा है। बीते 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी, जिसके बाद से उनका परिवार लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है। लेकिन अब इस परिवार के सामने सुरक्षा का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि कोई अज्ञात तत्व रात के अंधेरे में उनके घर की रेकी कर रहा है, जिससे पूरा परिवार गहरे खौफ में जीने को मजबूर है।

रहस्यमयी कार से दहशत में पीड़ित परिवार

भरत तिवारी के परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से रोज देर रात लगभग 11 बजे के बाद एक बिना नंबर प्लेट की चारपहिया गाड़ी उनके घर के आसपास चक्कर लगाती हुई देखी जा रही है। इस संदिग्ध वाहन की गतिविधि से परिवार के लोग बेहद डरे हुए हैं। परिजनों का कहना है कि जैसे ही घर के लोग किसी आहट को सुनकर बाहर निकलते हैं, वैसे ही कार में सवार अज्ञात लोग गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर वहां से तुरंत नौ दो ग्यारह हो जाते हैं। इस पूरी संदिग्ध घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कार को बार-बार घर के पास आते-जाते देखा जा सकता है। परिवार ने इस संदिग्ध रेकी की शिकायत स्थानीय पुलिस स्टेशन और जगदीशपुर के SDPO से की है और अपने लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने की मुलाकात

इस बीच, रविवार को बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी पीड़ित परिवार का ढांढस बंधाने उनके पैतृक गांव बिलौटी पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, उनकी माता आशा देवी और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर घटना की पूरी जानकारी ली। मंत्री ने शोक संतप्त परिवार को आश्वस्त किया कि उन्हें हर हाल में निष्पक्ष न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने भरत के भाइयों को अपना पहचान पत्र सौंपते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की आवश्यकता या समस्या होने पर वे बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे पटना स्थित उनके कार्यालय में आकर उनसे मिल सकते हैं।

मां ने लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने पुलिस प्रशासन पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) संजीत कुमार की कार्यशैली और भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। आशा देवी का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या पुलिस की मौजूदगी में ही की गई है, इसलिए इस पूरे मामले की बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि वे इस दुखद घटना के तुरंत बाद ही परिवार से मिलना चाहते थे, लेकिन ब्राह्मण परिवार की मान्यताओं के अनुसार तेरहवीं के कर्मकांड चल रहे थे। इसलिए वे इस धार्मिक अनुष्ठान के संपन्न होने का इंतजार कर रहे थे और इसके पूरा होते ही वे परिवार से मिलने पहुंचे हैं।

मांगें पूरी न होने पर आमरण अनशन की दी चेतावनी

भरत तिवारी की मां और बहन का कहना है कि जब भरत ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करते हुए अपने हथियार डाल दिए थे, तो फिर उसे गोली क्यों मारी गई? इस कथित मुठभेड़ पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं और विभिन्न राजनेताओं का पीड़ित परिवार से मिलने का सिलसिला जारी है। घटना के करीब 18 दिन बीत जाने के बाद भरत की मां और बहन ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। उन्होंने सरकार के सामने अपनी स्पष्ट मांगें रखीं और चेतावनी दी कि यदि 8 जुलाई तक आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सभी 9 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठने के लिए विवश होंगी। परिवार दोषी पुलिस अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त करने और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग पर अडिग है।

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