अग्नि और ब्रह्मोस से आगे, भारत की ये तीन ताकतें बढ़ाएंगी चीन-पाकिस्तान की बेचैनी

21वीं सदी में हवाई ताकत किसी भी देश की सामरिक मजबूती की कसौटी बन चुकी है। मिसाइल क्षमता के मामले में भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है और उसकी BVR स्ट्राइक क्षमता का असर अब साफ दिखने लगा है।

हवाई ताकत क्यों बनी आज की सबसे बड़ी जरूरत

मौजूदा दौर में किसी भी देश के लिए अपनी हवाई क्षमता को मजबूत करना अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। रूस-यूक्रेन और ईरान से जुड़े संघर्षों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जिस राष्ट्र के पास जितनी सक्षम वायु शक्ति होगी, 21वीं सदी में वह उतना ही अधिक शक्तिशाली माना जाएगा।

इस ताकत में फाइटर जेट और ड्रोन के साथ-साथ मिसाइलों की भूमिका बेहद निर्णायक होती है। आधुनिक युद्ध अब केवल जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में भी लड़े और जीते जा रहे हैं, इसलिए हर देश अपनी एयर पावर को मजबूत करने में जुटा है।

मिसाइल ताकत में भारत की दुनिया में धाक

मिसाइल क्षमता के मामले में भारत दुनिया के अग्रणी देशों में गिना जाता है। अग्नि सीरीज और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों की पूरी दुनिया में पहचान और दबदबा है। ये हथियार भारत की रक्षात्मक और आक्रामक दोनों क्षमताओं का प्रतीक माने जाते हैं।

BVR स्ट्राइक क्षमता में बड़ी छलांग

भारत ने बियॉन्ड विजुअल रेंज यानी BVR स्ट्राइक क्षमता को भी काफी हद तक बढ़ाया है। इस तकनीक के जरिये दुश्मन के निशाने को आंख से दिखाई देने की सीमा से कहीं आगे भी भेदा जा सकता है। इसका परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगा है और भारत की यह बढ़ती ताकत पड़ोसी देशों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

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