बिहार के बेगूसराय जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां बलिया थाना पुलिस ने बरियारपुर गांव में छापेमारी कर दो कुख्यात अपराधी भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आए इन बदमाशों की पहचान सोनू सिंह और मोनू सिंह के रूप में हुई है। इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों और अपराधियों के बीच तीखी झड़प और हाथापाई होती दिखाई दे रही है।
वायरल वीडियो का पूरा सच और आरोप
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वर्दी और बिना वर्दी में मौजूद कई पुलिसकर्मी दो युवकों को दबोचे हुए हैं। इस दौरान एक पुलिसकर्मी के हाथ में पिस्तौल दिखाई दे रही है, जिसे वह कथित तौर पर एक आरोपी की कमर में डालने यानी खोंसने का प्रयास कर रहा है। वीडियो में मौके पर मौजूद स्थानीय लोग चिल्लाते हुए कह रहे हैं कि "पिस्तौल कमर में मत खोंसिए"। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस पर झूठे मुकदमे में फंसाने और जबरन हथियार बरामदगी दिखाने के आरोप लगने लगे हैं।
जून 2026 की घटना से जुड़े थे तार
इस पूरे मामले को लेकर बलिया थाना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई। बलिया के डीएसपी सुबोध कुमार ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए पूरी घटना की पृष्ठभूमि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 20 जून 2026 को बरियारपुर गांव में बच्चों के आपसी विवाद को लेकर दो गुटों के बीच बड़ा झगड़ा हुआ था। इस विवाद के बाद एक पक्ष ने सोनू और मोनू को मौके पर बुला लिया था। वहां पहुंचकर दोनों भाइयों ने दहशत फैलाने के इरादे से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। पुलिस ने मौके से कारतूस के खोखे भी बरामद किए थे और मामला दर्ज किया था। इस घटना के बाद से ही दोनों आरोपी भाई लगातार फरार चल रहे थे।
घेराबंदी कर पुलिस ने कैसे दबोचा?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों कुख्यात अपराधी सोनू और मोनू भारी हथियार के साथ अपने घर के आस-पास ही छिपे हुए हैं और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस खुफिया जानकारी के आधार पर बलिया थाना पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और आरोपियों के घर की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही दोनों भाइयों ने भागने का प्रयास किया और सामने खड़ी पुलिस टीम पर ही अपनी पिस्तौल तान दी। हालांकि, पुलिस जवानों ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए काफी मशक्कत के बाद दोनों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- एक पिस्तौल
- जिंदा कारतूस
- एक धारदार चाकू
आरोपों पर डीएसपी सुबोध कुमार की सफाई
वायरल हो रहे वीडियो में जबरन हथियार दिए जाने के आरोपों पर डीएसपी सुबोध कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस पर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज और गलत करार दिया है। डीएसपी ने स्पष्ट किया कि छापेमारी के दौरान खुद आरोपी ने पुलिस टीम पर पिस्तौल तान दी थी। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बेहद सूझबूझ के साथ आरोपी से वह हथियार छीना था। उन्होंने कहा कि जो भी आरोप सोशल मीडिया के जरिए लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए दोनों भाइयों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या इस प्रकार है:
- सोनू सिंह पर विभिन्न थानों में कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- मोनू सिंह के खिलाफ कुल 9 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि ये दोनों इलाके के बेहद कुख्यात बदमाश हैं और इनकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाने में बड़ी सफलता मिलेगी।
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