भीलवाड़ा के माजी साहब का खेड़ा गांव में लेपर्ड की दस्तक, पूरी रात घरों में दुबके रहे ग्रामीण

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के एक गांव में लेपर्ड देखे जाने के बाद हड़कंप मच गया है। जंगली जानवर की मौजूदगी से डरे ग्रामीणों ने एहतियात के तौर पर रातभर घरों में खुद को कैद रखा और वन विभाग से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

भीलवाड़ा में लेपर्ड को लेकर दहशत

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया उपखंड में स्थित माजी साहब का खेड़ा गांव में गुरुवार की रात एक लेपर्ड के दिखाई देने से हड़कंप मच गया। आबादी वाले क्षेत्र के इतना करीब जंगली जानवर के आ जाने से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों ने एहतियात बरतते हुए अपने बच्चों और बुजुर्गों को घरों के भीतर ही सुरक्षित रखा है और रात भर सतर्कता बनाए रखी।

श्मशान के पास दिखा लेपर्ड

गांव के निवासी गोपाल धाकड़ ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। गोपाल ने बताया कि वह रात के समय अपना डंपर लेकर गांव लौट रहे थे। जैसे ही उनका वाहन श्मशान घाट के समीप पहुंचा, उनके वाहन की तेज रोशनी सड़क के किनारे स्थित एक खजूर के पेड़ पर पड़ी। वहां उन्होंने एक लेपर्ड को घात लगाकर बैठा हुआ देखा। गोपाल के अनुसार, वाहन की रोशनी पड़ते ही लेपर्ड कुछ पल के लिए वहां रुका रहा और फिर धीरे-धीरे पास के खेतों की दिशा में ओझल हो गया। इस घटना के बाद गोपाल ने तुरंत गांव वालों को सूचित किया, जिसके चलते गांव में अफरा-तफरी मच गई।

रात भर जागते रहे ग्रामीण

लेपर्ड की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद माजी साहब का खेड़ा गांव के लोगों की रातों की नींद उड़ गई। गांव के लोग पूरी रात एक दूसरे को फोन कॉल और संदेशों के जरिए सतर्क करते रहे। एहतियात के तौर पर लोगों ने अपने पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर बांध दिया ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। ग्रामीणों का यह मानना है कि यदि लेपर्ड का आवागमन गांव में जारी रहा, तो लोगों और मवेशियों की जान पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है। इसलिए पूरी रात ग्रामीण चौकन्ने रहे और किसी ने भी घर से बाहर निकलने का साहस नहीं किया।

वन विभाग की निगरानी और कारण

वन विभाग के अधिकारियों का इस मामले पर कहना है कि यह लेपर्ड संभवतः पास स्थित फूला सती की धार के जंगल क्षेत्र से भटक कर रिहायशी इलाके में आ गया होगा। अक्सर बारिश के मौसम में जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में जंगलों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर लेते हैं। वन विभाग ने घटना स्थल के आसपास रात्रि गश्त शुरू कर दी है। ग्रामीणों को विशेष रूप से रात के समय बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। विभाग ने यह भी कहा है कि क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि स्थिति पर नियंत्रण बना रहे।

ग्रामीणों की विभाग से मांग

इस घटना से डरे ग्रामीणों ने वन विभाग से सख्त और तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। गांव वालों का कहना है कि प्रशासन को इलाके में निरंतर गश्त बढ़ानी चाहिए और यदि जरूरत महसूस हो, तो लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस लेपर्ड का सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और उसे वापस जंगल में छोड़ा जाए। जब तक यह जंगली जानवर गांव की सीमा से दूर नहीं हो जाता, तब तक ग्रामीणों का डर कम होने वाला नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय वन विभाग के दफ्तर या प्रशासन को दें और अंधेरा होने के बाद अकेले बाहर न निकलें।

https://hindi.news18.com/news/rajasthan/bhilwara-leopard-enters-village-settlement-moves-towards-fields-panic-among-villagers-local18-ws-l-10625814.html