यूपी चुनाव में सीटों की दावेदारी का दौर
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल अभी से गरमाने लगा है। सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल अब अपनी अपनी महत्वाकांक्षाओं को खुलकर सामने रख रहे हैं। गठबंधन के भीतर ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल करने की होड़ मच गई है। एनडीए में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने सीटों की मांग को लेकर बड़ा दावा पेश किया है, वहीं अपना दल (एस) ने लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन के जरिए अपनी धमक का एहसास कराया है। दूसरी ओर, विपक्षी इंडिया गठबंधन के भीतर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के तालमेल को लेकर खींचतान के आसार नजर आ रहे हैं।
सुभासपा की 32 सीटों पर नजर
एनडीए का हिस्सा बनी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने सीटों के बंटवारे में कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने साफ तौर पर 32 सीटों पर अपनी दावेदारी ठोक दी है। उनका मुख्य ध्यान पूर्वांचल की उन सीटों पर है जो अब तक समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही हैं। विशेष रूप से आजमगढ़ जिले में ओम प्रकाश राजभर समाजवादी पार्टी को सीधे चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। राजभर और उनके बेटे अरुण राजभर ने यह दावा किया है कि इस बार पूर्वी उत्तर प्रदेश में वे समाजवादी पार्टी को बड़ा राजनीतिक सबक सिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अनुप्रिया पटेल का शक्ति प्रदर्शन
एनडीए गठबंधन के एक अन्य महत्वपूर्ण सहयोगी दल, अपना दल (एस) ने भी अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी की मुखिया और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने हाल ही में लखनऊ में अपने पिता और पार्टी के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती के मौके पर 'जन स्वाभिमान दिवस' का आयोजन किया। इस विशाल रैली के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी ताकत दिखाई, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को एक स्पष्ट संकेत भी दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुप्रिया पटेल आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए सम्मानजनक संख्या में सीटें सुनिश्चित करना चाहती हैं।
राष्ट्रीय लोकदल की तैयारी और आरएलडी का रुख
एनडीए का अहम हिस्सा बनी राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के मुखिया और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी इन दिनों ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। हालांकि, सीटों की संख्या को लेकर उनकी ओर से अब तक कोई औपचारिक मांग सामने नहीं आई है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता अभी रैलियों के जरिए जनता और किसानों के बीच अपनी पैठ बनाना है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की सभाओं में उमड़ रही भीड़ इस बात का सबूत है कि आरएलडी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। अनिल दुबे के अनुसार, एनडीए कुल 402 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। सीटों का बंटवारा नेतृत्व द्वारा आपस में चर्चा के बाद तय किया जाएगा, लेकिन आरएलडी अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर रही है।
इंडिया गठबंधन में कांग्रेस और सपा के बीच खींचतान
दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन के भीतर भी स्थिति काफी दिलचस्प बनी हुई है। गठबंधन की मुख्य सहयोगी कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने गठबंधन के भीतर अपनी भूमिका को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और इस नाते वे बड़े भाई की भूमिका में हैं। कांग्रेस गठबंधन में समाजवादी पार्टी के बराबर सीटों की मांग कर रही है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की तरफ से लगभग 200 सीटों पर दावा किया जा रहा है। इसके जवाब में समाजवादी पार्टी का यह मानना है कि गठबंधन का मुख्य आधार केवल सीटों की संख्या नहीं, बल्कि जीतने की क्षमता होनी चाहिए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एनडीए और इंडिया गठबंधन अपने सहयोगी दलों को संतुष्ट करते हुए सीटों का बंटवारा किस प्रकार करते हैं।
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