दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नया दौर
राजधानी दिल्ली में आज से आधिकारिक रूप से नई ईवी पॉलिसी लागू कर दी गई है। रेखा गुप्ता सरकार ने इस संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यह नीति 1 जुलाई, 2026 से शुरू होकर 31 मार्च, 2030 तक प्रभावी रहेगी। इस पहल का मुख्य लक्ष्य दिल्ली की हवा को साफ करना और पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली कैबिनेट ने बीते 29 जून को इस महत्वाकांक्षी नीति को अपनी मंजूरी दी थी।
सब्सिडी के नियम और शर्तें
नई नीति का लाभ लेने के लिए कुछ प्रमुख शर्तें तय की गई हैं। यह सब्सिडी व्यक्तिगत खरीदारों, प्रोपराइटरशिप फर्मों, एजेंसियों और ऐसी कंपनियों को मिलेगी जो दिल्ली की निवासी हैं। सबसे जरूरी यह है कि वाहन की खरीदारी और उसका पंजीकरण भी दिल्ली में ही होना चाहिए। योग्य लाभार्थियों को परिवहन विभाग द्वारा बताए गए सिस्टम के जरिए सीधे आवेदन करना होगा। ध्यान रहे कि केवल वही मॉडल सब्सिडी के पात्र माने जाएंगे जिन्हें समिति ने पहले से अनुमोदित और सूचीबद्ध किया है।
आवेदन प्रक्रिया का समय
सब्सिडी पाने के इच्छुक लोगों को अपने वाहन की आरसी यानी पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर ही आवेदन करना अनिवार्य है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी। पोर्टल पर दस्तावेज जमा करने के बाद, सत्यापन और अन्य सभी औपचारिकताओं को पूरा करने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आवेदन जमा होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर पात्र सब्सिडी राशि संबंधित लाभार्थी के खाते में सीधे भेज दी जाएगी।
विभिन्न श्रेणियों में सब्सिडी का विवरण
इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रकार के अनुसार सरकार ने अलग-अलग सब्सिडी तय की है:
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: इसका लाभ केवल उन्हीं टू-व्हीलर्स को मिलेगा जिनकी एक्स-शोरूम कीमत 2.25 लाख रुपये से अधिक नहीं है। इसमें पहले साल 30,000 रुपये, दूसरे साल 20,000 रुपये और तीसरे साल 10,000 रुपये तक की छूट मिलेगी।
- इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ऑटो): सीएनजी ऑटो को पूरी तरह हटाने के लक्ष्य के साथ सरकार पहले साल 50,000 रुपये, दूसरे साल 40,000 रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये की सब्सिडी देगी। हालांकि, 4 किलोवाट घंटे से कम क्षमता वाली बैटरी वाले ई-ऑटो इस दायरे से बाहर रहेंगे।
- ई-ट्रक: 1.75 टन से अधिक भार वाले ई-ट्रकों पर पहले साल 1,00,000 रुपये और कम भार वाले ट्रकों पर 50,000 रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है। यह राशि अगले वर्षों में क्रमशः घटती जाएगी।
टैक्स और पंजीकरण शुल्क से 100 प्रतिशत राहत
सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत दी है। अगर कोई व्यक्ति 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदता है, तो उसे पूरे जीवनकाल के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क से 100 प्रतिशत की पूर्ण छूट दी जाएगी। हालांकि, यदि वाहन की कीमत 30 लाख रुपये से अधिक है, तो उसे यह छूट प्राप्त नहीं होगी।
पुराने वाहन हटाने पर स्क्रैपिंग प्रोत्साहन
पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को सड़कों से हटाने के लिए नई नीति में स्क्रैपिंग इंसेंटिव का प्रावधान भी है। अगर आप पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराकर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदते हैं, तो आपको निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
- पुराना टू-व्हीलर स्क्रैप करने पर 10,000 रुपये का लाभ।
- पुराना थ्री-व्हीलर स्क्रैप करने पर 25,000 रुपये का प्रोत्साहन।
- 30 लाख रुपये तक की कार स्क्रैप करने पर 1,00,000 रुपये का प्रोत्साहन।
https://www.indiatv.in/paisa/auto/new-ev-policy-implemented-in-delhi-know-the-conditions-to-avail-subsidies-and-scrapping-incentives-2026-07-01-1228438