दिल्ली की तपती गर्मी से कब मिलेगी राहत, जानें मानसून और बारिश का ताजा पूर्वानुमान

दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी का कहर जारी है और मंगलवार को तापमान 53.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में हल्की राहत की उम्मीद जताई है।

दिल्ली में झुलसाने वाली गर्मी का कहर

दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग इन दिनों जबरदस्त गर्मी और उमस से परेशान हैं। मंगलवार के दिन आसमान में बादलों की मौजूदगी के बावजूद, लोगों को भीषण लू और गर्मी का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजधानी दिल्ली में तापमान 53.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने लोगों को थोड़ी राहत मिलने के संकेत दिए हैं। विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे के भीतर दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, साथ ही तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की भी पूरी संभावना है।

क्यों बढ़ रही है दिल्ली में गर्मी?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में गर्मी का यह प्रकोप मुख्य रूप से पाकिस्तान की तरफ से आ रही सूखी और गर्म पश्चिमी हवाओं के कारण है। तापमान में गिरावट न आने के पीछे एक बड़ी वजह अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी हैं, जो नमी तो ला रही हैं, लेकिन यह नमी उतनी पर्याप्त नहीं है कि बड़े पैमाने पर बारिश हो सके। इन दोनों विपरीत हवाओं के मिलन से आसमान में बादल तो बन रहे हैं, लेकिन उनसे बरसने वाली नमी का अभाव है, जिसकी वजह से गर्मी और उमस और अधिक बढ़ गई है।

बारिश और मौसम का पूर्वानुमान

IMD ने स्पष्ट किया है कि अगले 24 घंटे में दिल्ली के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, हरियाणा के रेवाड़ी और राजस्थान के खैरथल तथा कोटपूतली जैसे सीमावर्ती इलाकों में भी मध्यम से हल्की बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

मानसून की चाल और ताजा स्थिति

देशभर में मानसून के आगे बढ़ने को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सकारात्मक अपडेट दिया है। विभाग का मानना है कि उत्तर भारत के हिस्सों में अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। मानसून के उत्तरी राज्यों की ओर बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं। 30 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बड़े इलाकों को अपनी जद में ले लिया है।

मानसून के पहुंचने का अब तक का सफर

मानसून ने जून महीने में देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी दस्तक दी है, जिसका विवरण इस प्रकार है:

  • केरल में मानसून का आगमन 4 जून को हुआ।
  • पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में मानसून 12 जून को पहुंचा।
  • महाराष्ट्र में मानसून की शुरुआत लगभग 23 जून के आसपास हुई।
  • बिहार और झारखंड में मानसून ने लगभग 23 जून को दस्तक दी।
  • उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून जून के अंत तक सक्रिय हुआ।

मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की गति लगातार उत्तर की ओर बनी हुई है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले कुछ ही दिनों में यह देश के शेष हिस्सों में भी पूरी तरह फैल जाएगा।

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