युवाओं में क्यों हो रही है पैरों की कमजोरी की समस्या
आजकल का दौर ऐसा हो गया है कि कम उम्र के युवा भी पैरों में लगातार दर्द, सूजन और चलने-फिरने में तकलीफ जैसी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि लोगों के लिए देर तक खड़े रहना या बैठकर उठना तक दूभर हो जाता है। दरअसल, इन सभी समस्याओं के पीछे का मूल कारण पैरों की मांसपेशियों का कमजोर होना है। मेदांता गुरुग्राम के वस्कुलर सर्जन डॉक्टर राजीव परख ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को सचेत करते हुए बताया है कि किन गलतियों के कारण जवानी में ही पैर समय से पहले जवाब देने लगते हैं।
कम उम्र में पैरों की समस्याओं के मुख्य कारण
- तंबाकू का सेवन: यह पैरों की सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा है। चाहे आप सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, गुटखा या जर्दा किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं, तो यह आपकी नसों को नुकसान पहुंचाता है। तंबाकू के कारण रक्त की नसें सख्त और सिकुड़ने लगती हैं। ऐसी स्थिति में पैरों में रक्त का थक्का बनने का डर रहता है और मांसपेशियों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता, जिससे वे कमजोर हो जाती हैं।
- वजन का बढ़ना: शरीर का अत्यधिक वजन सीधे तौर पर आपके पैरों पर दबाव डालता है। जंक फूड, तली-भुनी चीजें, मैदा, मक्खन और मायोनीज जैसे उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले आहार वजन बढ़ाते हैं। जब शरीर का भार बढ़ता है, तो पैरों में सूजन और दर्द की समस्या स्वाभाविक रूप से उभरने लगती है।
- शारीरिक गतिविधि की कमी: बहुत ज्यादा आराम करना या दिन भर एक ही जगह बैठकर काम करना पैरों की मांसपेशियों को आलसी बना देता है। जब तक आप चलेंगे-फिरेंगे नहीं, तब तक रक्त का संचार सही ढंग से नहीं होगा और पैरों की पंपिंग क्षमता घट जाएगी।
- गलत जूते और पोषक तत्वों की कमी: विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर होकर दबने लगती हैं, जिससे पैर फ्लैट होने लगते हैं। साथ ही गलत और आरामदायक न होने वाले जूते पहनने से पैरों की बनावट पर गलत असर पड़ता है, जो रक्त की आपूर्ति को बाधित कर देता है।
- लंबे समय तक पैर लटकाकर बैठना: यदि आप घंटों तक पैर लटकाकर बैठे रहते हैं, तो रक्त का प्रवाह सही तरीके से ऊपर की ओर नहीं हो पाता। इससे घुटनों और पैरों के पंजों पर बहुत बुरा असर पड़ता है और धीरे-धीरे पैरों की ताकत कम होने लगती है।
पैरों को मजबूत बनाने के लिए जीवनशैली में बदलाव
पैरों की ताकत वापस पाने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए आपको अपनी दिनचर्या में कुछ अहम सुधार करने होंगे। सबसे पहले, अपनी जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि को शामिल करें। रोजाना कम से कम 30 से 40 मिनट की सैर (वॉक) जरूर करें। पैदल चलने से पैरों में रक्त का संचार तेज होता है, जिससे सूजन कम होती है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
इसके अलावा, वजन को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है। अपने खान-पान पर ध्यान दें और बाहर के जंक फूड के बजाय घर का पौष्टिक खाना खाएं। अपने आहार में प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर चीजों को शामिल करें और अधिक मात्रा में हरी सब्जियां और ताजे फल खाएं। प्रोसेस्ड या फ्रोजन फूड से दूरी बनाना ही बेहतर है। सैर करते समय हमेशा ऐसे जूते चुनें जो पैरों को पूरा आराम दें और सपोर्ट प्रदान करें। यदि सोते समय पैरों में दर्द महसूस हो, तो पैरों के नीचे 2 तकिए का सहारा लें, इससे रक्त का संचार बेहतर होगा और आपको आराम मिलेगा।
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