जबलपुर में फर्जी ATM कार्ड का अवैध धंधा बेनकाब, एक आरोपी गिरफ्तार और कई चौंकाने वाले खुलासे

मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने एटीएम कार्ड से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से कई बैंकों के एटीएम कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।

जबलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में साइबर अपराधियों द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। बेलबाग पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए फर्जी बैंक खातों से जुड़े एटीएम कार्ड बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान आधारताल क्षेत्र के न्यू कंचनपुरा निवासी सौरभ कुमार रजक के रूप में हुई है। उसे उस समय पकड़ा गया जब पुलिस नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी।

छापेमारी में मिली बड़ी बरामदगी

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने गहन तलाशी ली, तो चौंकाने वाले सबूत सामने आए। पुलिस ने आरोपी के पास से 10 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके साथ ही उसके पास से 20 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और एक बिना रजिस्ट्रेशन वाली एक्सेस स्कूटर भी जब्त की गई है। शुरुआती पूछताछ में सौरभ ने स्वीकार किया है कि वह रोहित नाम के एक व्यक्ति के इशारे पर यह अवैध काम कर रहा था। उसने यह भी कबूल किया कि वह कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिए विभिन्न बैंक खातों में अवैध धन जमा करने का काम करता था।

व्हाट्सएप चैट से खुला गिरोह का राज

पुलिस ने जब आरोपी के मोबाइल फोन की बारीकी से जांच की, तो उसमें 'नितिन 3333' नामक एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ व्हाट्सएप चैट का पता चला। इन चैट्स से पता चलता है कि यह गिरोह एक संगठित तरीके से काम कर रहा था। बातचीत के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खातों की लॉगिन आईडी, पासवर्ड और पासबुक की प्रतियां साझा की गई थीं। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने खुद के नाम पर पांच अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए थे। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि इनमें से कई खाते गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े हुए पाए गए हैं।

जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी अवैध कामों के लिए अन्य अपराधियों को ऊंची कीमतों पर बेच देता था। फिलहाल, पुलिस ने सौरभ रजक, रोहित और 'नितिन 3333' के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। बेलबाग पुलिस और साइबर क्राइम यूनिट की टीमें इस पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही हैं ताकि धोखाधड़ी के इस संगठित गिरोह का पूरी तरह से सफाया किया जा सके।

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