देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे की एक ही फ्लाइट में यात्रा पर छिड़ी जुबानी जंग, जानें क्या है पूरा मामला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के एक ही विमान में सफर करने के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे ने फडणवीस को हताश बताया, जिस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए तंज कसा है।

नागपुर की फ्लाइट और राजनीति की नई चर्चा

महाराष्ट्र की राजनीति में हाल ही में एक ऐसी घटना हुई जिसने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने हाल ही में नागपुर तक की यात्रा एक ही उड़ान में की। इस यात्रा के दौरान दोनों दिग्गजों की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को जन्म दे दिया है। हवाई यात्रा के दौरान दोनों के बीच हुई मुलाकात और उसके बाद की बयानबाजी अब मुख्यधारा की चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

उद्धव ठाकरे का दावा: फडणवीस हताश थे

एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने अपनी हवाई यात्रा के अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जिसे ऑपरेशन टाइगर कहा जा रहा है, वह असल में ऑपरेशन फडणवीस है। उद्धव ने आरोप लगाया कि विमान में सफर के दौरान देवेंद्र फडणवीस उन्हें काफी हताश दिखाई दे रहे थे। उन्होंने दावा किया कि फडणवीस के राजनीतिक पंख कतरे जा रहे हैं और उनकी स्थिति वैसी ही है जैसी शिवराज सिंह चौहान की हुई थी।

देवेंद्र फडणवीस का तगड़ा पलटवार

उद्धव ठाकरे की टिप्पणियों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरे सफर के दौरान अपने मोबाइल पर फिल्में और ओटीटी सीरीज देखने में व्यस्त थे, इसलिए हताशा का सवाल ही पैदा नहीं होता। देवेंद्र फडणवीस ने कहा, मैं एक इंसान हूं और मेरे कोई पंख नहीं हैं, इसलिए उन्हें कतरने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने आगे कहा कि मेरे साथ 14 करोड़ महाराष्ट्रवासियों का आशीर्वाद है और वरिष्ठ नेताओं का भी समर्थन प्राप्त है, इसलिए किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। फडणवीस ने यह भी याद दिलाया कि 2019 में यदि वे साथ होते तो तस्वीर कुछ और होती, हालांकि उन्होंने उद्धव की शुभकामनाओं को स्वीकार करने का संकेत दिया।

धाराशिव में उद्धव ने शिवराज सिंह का उदाहरण दिया

धाराशिव की सभा में उद्धव ठाकरे ने शिवराज सिंह चौहान का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान उन्हें मामा के रूप में पेश किया, लेकिन जीत के बाद उन्हें पूरी तरह से किनारे कर दिया गया। उद्धव ने आरोप लगाया कि जो भी नेता प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में शामिल दिखता है, उसे भाजपा रास्ते से हटा देती है। उन्होंने यह भी दोहराया कि फ्लाइट में फडणवीस को देखकर उन्हें काफी हैरानी हुई कि राज्य का मुख्यमंत्री इतना परेशान और हताश क्यों दिख रहा था।

पालघर में स्पष्टीकरण

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पालघर में मीडिया से बातचीत करते हुए फिर दोहराया कि विमान में वे और उद्धव ठाकरे अलग-अलग कोनों में बैठे थे। उन्होंने कहा, फ्लाइट में बैठने से लेकर उतरने तक मैं मोबाइल देख रहा था, फिर उन्हें मेरी हताशा कहां से नजर आ गई? उन्होंने फिर से दोहराया कि वे जनता के आशीर्वाद से कार्य कर रहे हैं और उनके लिए किसी प्रकार का डर नहीं है।

शिंदे फैक्टर और बदली हुई राजनीति

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार उद्धव और फडणवीस की भाषा में आई नरमाहट के पीछे एक मुख्य वजह एकनाथ शिंदे भी हो सकते हैं। पिछले कुछ समय से एकनाथ शिंदे और भाजपा के बीच सीटों के बंटवारे और कैबिनेट पदों को लेकर तनातनी देखने को मिली है। एकनाथ शिंदे ने एनडीए गठबंधन में अपना प्रभाव बढ़ाने का लगातार प्रयास किया है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या उद्धव और फडणवीस के बीच की यह कड़वाहट कम होने के पीछे राजनीतिक समीकरणों का कोई नया दौर शुरू होने वाला है। इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में नई बहस छेड़ दी है।

https://www.indiatv.in/maharashtra/politics-over-cm-devendra-fadnavis-and-uddhav-thackeray-traveling-to-nagpur-on-the-same-flight-find-out-who-said-what-2026-06-28-1227936