प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध यात्री की तलाशी में खुला बड़ा राज, जीआरपी की मुस्तैदी से पकड़ा गया शातिर चोर

प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की सतर्कता ने एक मोबाइल चोर को रंगे हाथों पकड़ा, जिसके पास से कीमती सामान और चोरी के मोबाइल बरामद किए गए हैं।

संदेह के घेरे में आया यात्री

उत्तर प्रदेश के लखनऊ जीआरपी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बल की मुस्तैदी ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय रेलवे के यात्रियों की सुरक्षा और अपराधों पर लगाम लगाने के लिए जीआरपी द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 28 जून को गश्त के दौरान पुलिस टीम को एक यात्री पर शक हुआ। यह यात्री ट्रेन से उतरने के बाद काफी संदिग्ध हरकतें कर रहा था और बार-बार अपना हाथ अपनी जेब में डाल रहा था।

जीआरपी जवानों की सतर्कता

प्लेटफॉर्म पर मौजूद जीआरपी के जवानों की पैनी नजर उस यात्री पर पड़ी। जब जवान उसकी ओर बढ़े, तो वह तेजी से अपने कदम बढ़ाकर वहां से निकलने की कोशिश करने लगा। उसने जवानों की आवाज को अनसुना करने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क जवानों ने उसे घेरकर रुकने पर मजबूर कर दिया। यात्री को रोकना और उससे पूछताछ करना जीआरपी के लिए एक बड़े मामले का खुलासा करने की शुरुआत बन गया। शुरुआती पूछताछ के दौरान यात्री बेहद घबराया हुआ था और किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब देने में असमर्थ रहा, जिसके बाद जवानों ने सख्ती बरतते हुए उसकी तलाशी लेने का निर्णय लिया।

सामान देख दंग रह गए अधिकारी

जैसे ही पुलिस ने उस व्यक्ति की तलाशी ली, उसके पास से संदिग्ध वस्तुओं का जखीरा बरामद हुआ। चोरी के सामान की बरामदगी की खबर मिलते ही जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारी भी तत्काल मौके पर पहुंच गए। आरोपी के पास से पुलिस को एक लेडीज पर्स मिला, जिसमें 02 टच स्क्रीन मोबाइल, 3 स्कूल के पहचान पत्र और 1 सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया का डेबिट कार्ड समेत कई अन्य कीमती वस्तुएं बरामद की गईं।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पकड़े गए आरोपी ने अपनी पहचान रवि के रूप में दी है, जो कटरा इन्द्रकुंवर, थाना कोतवाली देहात, जनपद प्रतापगढ़ का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह काफी समय से ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। वह इन चोरियों से मिले पैसों का इस्तेमाल अपने निजी शौक पूरा करने के लिए करता था।

आगे की कार्रवाई

वर्तमान में जीआरपी इस मामले की गहन जांच कर रही है। बरामद किए गए सामानों के आधार पर पुलिस उन पीड़ितों की पहचान करने का प्रयास कर रही है, जिनका सामान चोरी हुआ था। जीआरपी का मुख्य उद्देश्य इन कीमती वस्तुओं को उनके असली मालिकों तक सुरक्षित पहुंचाना है, ताकि यात्रियों को उनका सामान वापस मिल सके। लखनऊ पुलिस अधीक्षक रेलवे के सख्त निर्देशों के तहत इस प्रकार के अभियान आने वाले समय में भी जारी रहेंगे ताकि ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा सके।

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