छापेमारी में खुला काले धन का राज
अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामले में पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मामले के मुख्य आरोपी रामशंकर यादव, जिन्हें टीनू यादव के नाम से भी जाना जाता है, और उनके भतीजे मनीष यादव समेत अन्य आरोपियों के विभिन्न ठिकानों पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य दान में मिली राशि के हेरफेर से जुड़ी कड़ियों को जोड़ना था।
घर से बरामद हुआ संपत्ति का जखीरा
पुलिस सूत्रों की मानें तो छापेमारी के दौरान आरोपियों के घरों से आपत्तिजनक और महंगी चीजें बरामद हुई हैं। इन बरामदगी में मुख्य रूप से निम्नलिखित चीजें शामिल हैं:
- बड़ी मात्रा में कीमती आभूषण।
- संपत्ति के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज।
- भारी नकदी।
- लग्जरी होम अप्लायंसेज और महंगे फोन्स के बिल।
आरोपी टीनू यादव के पास से मिले इन महंगे सामानों और दस्तावेजों ने मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि उनकी आय के ज्ञात स्रोत इन संपत्तियों के मुकाबले बेहद कम नजर आते हैं।
कानूनी कार्रवाई और न्यायिक हिरासत
इस पूरे मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों को नामजद किया गया है। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की पूरी तैयारी कर ली है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत इन सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जाएगा। इसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जाएगा, जहां आगे की पूछताछ की जा सकेगी।
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