ममता बनर्जी के साथ खड़े रहने पर भावुक हुए शत्रुघ्न सिन्हा, बेटी सोनाक्षी की कही बात सुनकर छलक पड़े आंसू

बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद भी पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहने वाले अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि कैसे उनकी बेटी सोनाक्षी के शब्दों ने उन्हें भावुक कर दिया। उन्होंने अपने परिवार के राजनीतिक रुझानों और ममता बनर्जी के साथ अपने संबंधों पर खुलकर बात की।

राजनीतिक निष्ठा और ममता बनर्जी का साथ

सिनेमा जगत से राजनीति में कदम रखने वाले दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद भी शत्रुघ्न सिन्हा पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। इस कठिन दौर में जहां पार्टी के कई बड़े नेता अपना पाला बदल रहे थे, वहीं शत्रुघ्न सिन्हा का साथ डगमगाया नहीं। उन्होंने एक विशेष साक्षात्कार में साझा किया कि उनका ममता बनर्जी के साथ जुड़ाव केवल एक राजनीतिक गठबंधन नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से भावनात्मक है। शत्रुघ्न सिन्हा के अनुसार, जब वह स्वयं जीवन के मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, तब ममता बनर्जी ने उनका साथ दिया था। ऐसे में आज जब वह कठिन समय का सामना कर रही हैं, तो उनके लिए ममता बनर्जी का साथ छोड़ना नैतिक रूप से असंभव है।

बच्चों की राजनीतिक पसंद और पारिवारिक राय

परिवार की राजनीतिक राय के बारे में पूछे जाने पर शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने तीनों बच्चों, सोनाक्षी, लव और कुश के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके बेटे लव सिन्हा की राजनीति में विशेष रुचि है और उनका झुकाव भारतीय जनता पार्टी की तरफ है। वहीं, दूसरे बेटे कुश सिन्हा के बारे में उन्होंने कहा कि वे फिलहाल निर्देशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। कुश की फिल्म निकिता रॉय का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है और वे अक्सर बीजेपी नेताओं के बच्चों के समूह में देखे जाते हैं। इसके विपरीत, बेटी सोनाक्षी सिन्हा के बारे में अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उनकी रुचि राजनीति में बिल्कुल नहीं है और वे इससे पूरी तरह दूर रहना पसंद करती हैं।

सोनाक्षी सिन्हा के शब्दों ने किया भावुक

शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब लोगों ने सुझाव दिया कि सोनाक्षी सिन्हा को राजनीति में लाना चाहिए ताकि पार्टी को फायदा मिल सके, लेकिन सोनाक्षी का इसमें कोई मन नहीं था। इस राजनीतिक उथल-पुथल भरे माहौल में जब लोग अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए विचारधाराएं बदल रहे थे, तब बेटी सोनाक्षी की प्रतिक्रिया ने शत्रुघ्न सिन्हा को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि शायद बेटी उनसे पूछे कि वे ममता बनर्जी के साथ क्यों डटे हुए हैं, लेकिन सोनाक्षी ने इसके उलट बात कही। सोनाक्षी ने उनसे कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है कि वे इस कठिन समय में भी अपने सिद्धांतों और ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े रहे, जबकि दुनिया भाग रही है और लोग खरीदे जा रहे हैं। अपनी बेटी के इन शब्दों को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा की आंखें नम हो गईं और उन्होंने कहा कि बेटी की यह प्रशंसा सुनकर उन्हें न केवल तसल्ली मिली, बल्कि उनकी आंखों से आंसू भी छलक आए।

पुराने दिन और फिल्मी करियर का सफर

राजनीति से इतर दामाद जहीर इकबाल के साथ अपने संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जहीर बहुत ही प्यारा और अच्छा इंसान है। शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने राजनीतिक सफर की यादें ताजा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के साथ की थी। उस समय एक दिग्गज नेता के कहने पर ही उन्होंने राजेश खन्ना के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसका उन्हें बाद में काफी अफसोस हुआ था क्योंकि वे उनके दोस्त थे। अगर उनके फिल्मी सफर की बात करें, तो उन्होंने देव आनंद की फिल्म प्रेम पुजारी से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। आज राजनीति में कई उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद, उनकी निष्ठा और बेबाक अंदाज अब भी बरकरार है।

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