12वीं के बाद बेहतरीन करियर: पीएम एक्सीलेंस कॉलेज के इन प्रोफेशनल कोर्सेस से मिलेगी शानदार नौकरी

खरगोन का सरकारी पीजी कॉलेज अब छात्रों को टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट जैसे प्रोफेशनल कोर्स करा रहा है, जहाँ पढ़ाई के साथ ही नौकरी के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

12वीं के बाद करियर की नई राह

अगर आपने 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और आप किसी ऐसे प्रोफेशनल कोर्स की तलाश में हैं, जो कम खर्चे में आपको रोजगार की गारंटी दे सके, तो खरगोन स्थित सरकारी पीजी कॉलेज, जिसे अब पीएम एक्सीलेंस कॉलेज के नाम से जाना जाता है, आपके लिए एक बेहतरीन केंद्र बनकर उभरा है। वर्तमान समय में शिक्षा और रोजगार के बढ़ते तालमेल को देखते हुए यह कॉलेज छात्रों को ऐसे हुनर सिखा रहा है, जिनकी मांग आज के बाजार में सबसे अधिक है।

टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी कोर्स की खासियत

इस कॉलेज में प्रमुख रूप से टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट का कोर्स संचालित किया जा रहा है। यह एक तीन साल का बीए डिग्री कोर्स है, जिसे पिछले साल ही शैक्षणिक सत्र में शामिल किया गया था। सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे निमाड़ क्षेत्र के चार जिलों में यह विशिष्ट कोर्स अभी केवल इसी कॉलेज में उपलब्ध है। इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें व्यवहारिक कौशल से लैस करना है ताकि वे होटल, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

किफायती फीस और प्रवेश प्रक्रिया

प्रिंसिपल डॉ. जीएस चौहान के अनुसार, इस कोर्स की सालाना फीस बेहद कम यानी केवल 1700 रुपए रखी गई है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपने सुनहरे भविष्य का सपना पूरा कर सकें। वर्तमान में कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और लगभग 60 फीसदी सीटें पहले ही भरी जा चुकी हैं। सीएलसी राउंड के तहत पहली मेरिट लिस्ट जारी हो चुकी है और बहुत जल्द दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ध्यान रहे कि सभी प्रवेश पूरी तरह से मेरिट के आधार पर ही किए जाएंगे।

प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और स्टाइपेंड की सुविधा

इस कोर्स में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए 100 सीटें निर्धारित की गई हैं। किसी भी संकाय यानी आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस से 12वीं पास करने वाले छात्र इसमें दाखिला ले सकते हैं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को सरकारी नियमानुसार छात्रवृत्ति का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका 6 महीने का अनिवार्य ट्रेनिंग प्रोग्राम है। तीसरे वर्ष में छात्रों को सीधे इंडस्ट्री से जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें काम करने का वास्तविक अनुभव मिल सके। ट्रेनिंग के इस महत्वपूर्ण दौरान सरकार की तरफ से विद्यार्थियों को स्टाइपेंड भी दिया जाएगा, जो उनकी आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा।

करियर के व्यापक अवसर

ट्रेनिंग संपन्न होने के बाद छात्रों को बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप यानी BOTS के माध्यम से रोजगार पाने में मदद की जाएगी। कॉलेज प्रशासन के दावों के अनुसार, कोर्स पूरा करने वाले विद्यार्थियों को शुरुआती दौर में ही लगभग 5 लाख रुपए सालाना तक का पैकेज मिलने की प्रबल संभावना रहती है। हालांकि, यह पैकेज कंपनी की स्थिति, कार्यस्थल और छात्र के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। एक बार यह कोर्स पूरा करने के बाद छात्र होटल, रिसॉर्ट, ट्रेवल एजेंसी, टूर ऑपरेटर, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, इवेंट मैनेजमेंट और टूरिज्म सेक्टर में करियर की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। इसके अलावा बड़ी एयरलाइंस, प्रतिष्ठित होटल चेन और अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म कंपनियों में भी उनके लिए रोजगार के द्वार खुले रहेंगे।

उच्च शिक्षा और बेहतर सैलरी का विकल्प

प्रिंसिपल डॉ. चौहान के मुताबिक, जो छात्र आगे और पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स एक मजबूत नींव साबित होगा। इसके बाद विद्यार्थी एमबीए इन हॉस्पिटैलिटी या एमबीए इन टूरिज्म मैनेजमेंट जैसे कोर्स कर सकते हैं। उच्च शिक्षा के बाद बड़े होटल ग्रुप, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और एयरलाइंस में उच्च पदों पर कार्य करने का मौका मिलता है, जहां योग्यता के आधार पर शुरुआती पैकेज 20 लाख रुपए सालाना तक भी जा सकता है।

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