सीमा सुरक्षा में बड़ी कामयाबी
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारतीय सेना को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब नियंत्रण रेखा यानी एलओसी के पास एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को रंगे हाथों दबोच लिया गया। रविवार के दिन बालाकोट सेक्टर में तैनात जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए इस घुसपैठिए को अपनी हिरासत में लिया। यह घटना ऐसे संवेदनशील समय में हुई है जब सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं क्योंकि अगले कुछ दिनों में ही पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है।
कौन है पकड़ा गया घुसपैठिया
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी 31 वर्षीय रईस खान है, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके का निवासी बताया जा रहा है। रईस खान पीओके के हवेली जिले की टेट्रिनोट तहसील के तरोती गांव का रहने वाला है। सेना के जवानों ने जैसे ही उसे एलओसी पार कर भारतीय क्षेत्र में कदम रखते देखा, उसे तुरंत पकड़ लिया। प्रारंभिक तलाशी में उसके पास से कोई भी आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे केवल एक मामूली घुसपैठ नहीं मान रही हैं।
खुफिया जांच और पूछताछ का दायरा
फिलहाल, सैन्य कमांडर और विभिन्न खुफिया एजेंसियां रईस खान से संयुक्त रूप से कड़ी पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर उसका भारतीय सीमा में आने का असली मकसद क्या था। अधिकारी इस बात की बहुत बारीकी से जांच कर रहे हैं कि कहीं उसका संबंध भारतीय सीमा के भीतर सक्रिय किसी देशद्रोही तत्व या स्लीपर सेल से तो नहीं है। इसके अलावा, इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है कि वह किसी बड़े आतंकी हमले की रेकी करने के इरादे से भेजा गया हो।
एक महीने में तीसरी घटना
पुंछ जिले में इस महीने घुसपैठ की यह तीसरी ऐसी घटना है, जिसने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। इससे पहले 27 जून को 26 वर्षीय मोहम्मद सज्जाद को कृष्णा घाटी सेक्टर के गुलपुर इलाके से पकड़ा गया था। वहीं, एक अन्य घटना में 9 जून को 14 वर्षीय जाविद अली को पकड़ा गया था, जिसे आवश्यक जांच पड़ताल के बाद एक सप्ताह के समय में वापस पाकिस्तान को सौंप दिया गया था।
सांबा में संदिग्ध ड्रोन की आहट
सीमा पर घुसपैठ की कोशिशों के बीच सांबा जिले में भी सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया। रविवार तड़के नंदपुर गांव के पास एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय सीमा में प्रवेश करते देखा गया। ड्रोन के दिखते ही बीएसएफ, सेना और पुलिस ने मिलकर एक बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कहीं ड्रोन के जरिए कोई हथियार या मादक पदार्थ भारतीय क्षेत्र में न गिराए गए हों। हालांकि, सघन तलाशी के बावजूद कोई आपत्तिजनक वस्तु वहां नहीं मिली।
अमरनाथ यात्रा के लिए अभेद्य सुरक्षा
इन सभी घटनाओं के बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बालटाल में श्री अमरनाथ जी यात्रा से जुड़ी सुरक्षा और तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। इस बैठक में पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उपराज्यपाल ने यात्रा मार्ग पर बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को एक साथ मिलकर काम करने के लिए कहा गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो और यात्रा पूरी तरह से निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
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