गांव में आक्रोश का माहौल
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ दान की रकम की चोरी के आरोप लगने और उनके इस्तीफे की खबरों के बाद उनके पैतृक गांव नगीना में भारी नाराजगी देखी जा रही है। बिजनौर जिले के इस गांव के लोग इन दावों को पूरी तरह से निराधार और साजिश करार दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन राम मंदिर आंदोलन के लिए समर्पित कर दिया, उन पर ऐसे बेतुके आरोप लगाना बेहद शर्मनाक है।
साढ़े चार दशक का समर्पण
स्थानीय लोगों और उनके करीबियों का कहना है कि चंपत राय ने आज से लगभग साढ़े चार दशक पहले समाज और देश के लिए अपने निजी जीवन के कई बड़े त्याग किए थे। उन्होंने अपने हंसते-खेलते घर, परिवार और एक सुरक्षित सरकारी नौकरी को भी पीछे छोड़ दिया था। गांव वालों के अनुसार, जिसने अपना सब कुछ राम कार्य के लिए न्योछावर कर दिया, उस पर इस तरह की तोहमत लगाना सरासर गलत है।
परिजन और मित्र कर रहे बचाव
जैसे ही यह खबर नगीना पहुंची, वहां हड़कंप मच गया। चंपत राय के भाई सुनील बंसल ने इन आरोपों का खंडन किया है। इसके अलावा, उनके बचपन के मित्रों और पड़ोसियों का भी कहना है कि वे चंपत राय के चरित्र और निष्ठा को बरसों से जानते हैं। ग्रामीणों का एक ही सुर है कि यह सब उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए फैलाया गया झूठ है। वे सभी इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी बदनामी की कोशिश मान रहे हैं।
https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bijnor-native-village-family-brother-sunil-bansal-neighbors-reactions-on-champat-rai-resignation-amid-ram-mandir-row-10610502.html