पोटका में पसरा मातम
झारखंड के जमशेदपुर जिले के अंतर्गत आने वाले पोटका प्रखंड में इन दिनों ब्रेन मलेरिया का प्रकोप बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। इस बीमारी की चपेट में आकर अब तक तीन आदिवासी बच्चियों की जान जा चुकी है। इस त्रासदी ने न केवल स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि दर्जनों की संख्या में लोग संक्रमण की चपेट में आ गए हैं, जिनका इलाज वर्तमान में सदर अस्पताल और एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।
विधायक ने लिया हालात का जायजा
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पोटका के विधायक संजीव सरदार ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया और वहां भर्ती मरीजों का हाल-चाल जाना। मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत करने के बाद उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। इसके बाद वे सीधे उन गांवों का रुख किया जहां मलेरिया का सबसे ज्यादा असर है। सानग्राम गांव में उन्होंने उस बच्ची के परिजनों से मुलाकात की जिसकी मौत ब्रेन मलेरिया के कारण हुई थी, और अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
आपातकालीन बैठक और निर्देश
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित एक आपात बैठक के दौरान संजीव सरदार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उनके प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:
- प्रभावित गांवों में तत्काल प्रभाव से विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए।
- स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच सुनिश्चित करें।
- जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही उचित दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए डीडीटी पाउडर का बड़े पैमाने पर छिड़काव हो।
- आम जनता को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए।
अधिकारियों को मिली कड़ी चेतावनी
विधायक संजीव सरदार ने काम में तेजी लाने के लिए अन्य प्रखंडों से अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों को तुरंत प्रभाव से बुलाने का आदेश दिया है ताकि सर्वेक्षण और उपचार में कोई देरी न हो। इसके अलावा, टाटा स्टील के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में मच्छरदानियों के वितरण का कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि राहत कार्यों में कोताही बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
पोटका के कई हिस्से अब आधिकारिक तौर पर मलेरिया प्रभावित घोषित हो चुके हैं। विधायक का मानना है कि यदि विभागों के बीच बेहतर तालमेल और समय पर कड़े कदम उठाए जाएं, तो इस महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन का मुख्य लक्ष्य पोटका को जल्द से जल्द मलेरिया मुक्त बनाना है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में है और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और बुखार या अन्य कोई भी लक्षण महसूस होते ही बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपनी जांच करवाएं। प्रशासन इस दिशा में युद्धस्तर पर काम कर रहा है ताकि संक्रमण की कड़ी को तोड़ा जा सके।
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