पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का एलान, बेअदबी कानून पर 29 जून को अकाल तख्त के सामने पेश होंगे सभी सिख मंत्री और विधायक

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जानकारी दी है कि बेअदबी कानून से जुड़े मामले पर राज्य के सभी सिख विधायक और मंत्री 29 जून को अमृतसर स्थित अकाल तख्त के समक्ष उपस्थित होंगे।

अकाल तख्त के समक्ष अपनी बात रखेंगे प्रतिनिधि

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य के सभी सिख मंत्री और विधायक आगामी 29 जून को अमृतसर में अकाल तख्त के सामने पेश होंगे। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा अमृतसर में पार्टी के विधायकों के साथ एक अहम बैठक संपन्न करने के बाद की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था, अकाल तख्त के द्वारा दिए गए निर्देशों पर विस्तृत चर्चा करना और आगामी रणनीति तय करना था।

लिखित रूप में सौंपेंगे अपने सुझाव

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित विधायक और मंत्री वहां जाकर अकाल तख्त के समक्ष अपने विचार लिखित तौर पर प्रस्तुत करेंगे। गौरतलब है कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने 15 जून को एक आदेश जारी करते हुए राज्य के सभी दलों के सिख विधायकों और मंत्रियों को बेअदबी कानून के मसले पर 29 जून को अकाल तख्त के सामने हाजिर होने का निर्देश दिया था।

कानून बनाने की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

अकाल तख्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार' (संशोधन) अधिनियम, 2026 पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। धार्मिक संस्थाओं का तर्क है कि यह कानून सिख पंथ के प्रमुख प्रतिनिधियों से किसी भी प्रकार का परामर्श किए बिना जल्दबाजी में तैयार किया गया है। इसके अलावा, जो मंत्री सिख धर्म से नहीं हैं, उन्हें भी इस मामले पर अपने सुझाव 29 जून से पहले लिखित रूप में भेजने के लिए कहा गया है।

भावनाओं का सम्मान करने की मांग

अकाल तख्त का कहना है कि सरकार को इस कानून से उन सभी प्रावधानों को तत्काल हटा लेना चाहिए, जो गुरु ग्रंथ साहिब, खालसा पंथ और संगत की भावनाओं के प्रतिकूल हैं। आपको बता दें कि 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार' (संशोधन) विधेयक, 2026 को पंजाब विधानसभा ने 13 अप्रैल को सर्वसम्मति से पारित किया था। इस कानून में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से संबंधित किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास समेत कई कड़े दंड का प्रावधान शामिल है। अंत में, जब मुख्यमंत्री से यह पूछा गया कि क्या उन्हें भी पेश होना है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अकाल तख्त द्वारा तलब नहीं किया गया है।

https://www.indiatv.in/punjab/cm-bhagwant-mann-announcement-all-sikh-mlas-and-ministers-appear-before-akal-takht-on-june-29-2026-06-28-1227861