राम मंदिर मामले पर VHP के आलोक कुमार का बड़ा बयान, चंपत राय के इस्तीफे पर कही ये बात

राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवादों के बीच विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि चंपत राय पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं था और उन्होंने यह फैसला स्वेच्छा से लिया है।

चंपत राय पर इस्तीफे का कोई दबाव नहीं

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर मामले में मचे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंपत राय पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं था, बल्कि उन्होंने स्वयं ही इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। आलोक कुमार के अनुसार, चंपत राय ने इस पूरी स्थिति में 4 बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही एक SIT का गठन किया गया और चंपत राय ने स्वयं अपने स्तर पर पूछताछ शुरू की। इसके अलावा, ट्रस्ट ने स्वयं प्राथमिकी दर्ज करवाकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिसमें ट्रस्ट का पूरा सहयोग मिल रहा है। आलोक कुमार ने चंपत राय के इस कदम को सराहनीय बताया है।

विरोधियों पर तीखा प्रहार

आलोक कुमार ने उन राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा जो चंपत राय से इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो दल आज इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, उनमें स्वयं इस्तीफा देने की कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि केजरीवाल का नाम शराब घोटाले में आने के बावजूद उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। इसी तरह, राजीव गांधी का नाम बोफोर्स मामले में आया था, लेकिन उन्होंने भी पद नहीं छोड़ा। इसके अतिरिक्त सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम नेशनल हेराल्ड केस में शामिल है और वे जमानत पर बाहर हैं, फिर भी उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। ऐसे में चंपत राय का स्वेच्छा से इस्तीफा देना उनके उच्च चरित्र को दर्शाता है।

सोने-चांदी और चंदे पर सफाई

चंपत राय के VHP उपाध्यक्ष पद पर बने रहने के सवाल पर आलोक कुमार ने कहा कि वे परिस्थितियों को देखते हुए आगे का निर्णय लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर के चंदे में हजारों करोड़ की चोरी की बात कहना पूरी तरह से गलत और निराधार है। मंदिर के कोषाध्यक्ष ने सोना और चांदी पूरी तरह सुरक्षित बताया है, साथ ही काकभुशुंडी और धनुष-बाण भी सुरक्षित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना आधार के अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है और जो लोग हजारों करोड़ की चोरी का आरोप लगा रहे हैं, उनसे सबूत मांगे जाने चाहिए। ऐसे लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। ट्रस्ट चोरी किए गए हर एक पैसे को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

टिन्नू यादव प्रकरण और कार्रवाई

टिन्नू यादव के मामले पर बात करते हुए आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय ने उन्हें बिल्कुल नहीं बचाया है। यदि उन्हें बचाया जाता, तो वे गिरफ्तार क्यों होते। उन्होंने कहा कि किसी ड्राइवर की गलती का दोष मालिक पर मढ़ना अनुचित है। टिन्नू के खिलाफ आरोप साबित होने पर ही उसे गिरफ्तार किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रस्ट ने मामले के सामने आते ही दो तरह की कार्रवाई की, जिसमें संबंधित लोगों से पूछताछ करना और घरों से लगभग 80 लाख रुपये बरामद करना शामिल है। इसके अलावा थोड़ा सोना और चांदी भी बरामद किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में SIT जांच की मांग की है और कहा है कि उन पर कार्रवाई न करने के सभी आरोप निराधार हैं।

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