भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: एसपी पर लगे धमकी के आरोपों को भोजपुर पुलिस ने बताया पूरी तरह बेबुनियाद

भोजपुर पुलिस ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अपने एसपी पर लगे आरोपों का आधिकारिक खंडन किया है। पुलिस ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मुलाकात का उद्देश्य केवल परिवार को न्याय का भरोसा दिलाना था।

भोजपुर पुलिस का आधिकारिक रुख

भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले ने बिहार की राजनीति और प्रशासन के गलियारों में हलचल मचा दी है। इस मामले में अब एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया और विभिन्न संचार माध्यमों पर भोजपुर के पुलिस अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए गए। इन आरोपों में दावा किया गया था कि एसपी ने मृतक के भाई चंदन तिवारी को डराया और धमकाया है। इस पूरे मामले पर भोजपुर जिला पुलिस प्रशासन ने बेहद कड़ाई से संज्ञान लिया है और इन सभी आरोपों का आधिकारिक तौर पर खंडन किया है।

सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का खंडन

भोजपुर पुलिस ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके स्पष्ट किया है कि एसपी के खिलाफ सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं, उनका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है। पुलिस का कहना है कि ये सभी दावे पूरी तरह से असत्य, तथ्यहीन और निराधार हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही इन बातों को पुलिस ने भ्रामक करार दिया है। भोजपुर पुलिस ने जनता से यह अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर यकीन न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा रखें।

एसपी का दौरा और मुलाकात का असली मकसद

प्रेस विज्ञप्ति में विस्तार से बताया गया है कि पुलिस अधीक्षक का मृतक भरत तिवारी के घर जाने का मुख्य उद्देश्य क्या था। पुलिस के अनुसार, एसपी वहां केवल पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करने और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाने के लिए गए थे। उनका मकसद परिवार को यह विश्वास दिलाना था कि प्रशासन इस मामले की तह तक जाएगा। पुलिस ने जोर देकर कहा है कि जिम्मेदार अधिकारियों की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से ये भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं।

मुलाकात की पूरी प्रक्रिया का विवरण

पुलिस ने घटनाक्रम को स्पष्ट करते हुए बताया कि जब एसपी परिवार के घर पहुंचे, तो उस दौरान शाहपुर थाना की पुलिस और एक महिला सिपाही सुरक्षा और प्रोटोकॉल के तहत घर के बाहर मौजूद थीं। यह भी बताया गया है कि मृतक के भाई ने खुद एसपी को भीड़ से कुछ कदम दूर जाकर बात करने का इशारा किया था। इसके बाद, एसपी और चंदन तिवारी के बीच करीब तीन से चार कदम की दूरी पर बातचीत हुई। पुलिस के दावे के अनुसार, इस दौरान परिवार ने अपनी सुरक्षा की चिंता जताई थी और पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की थी।

धमकी देने के दावों को नकारा

भोजपुर पुलिस ने उन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें यह कहा गया था कि बातचीत के दौरान एसपी ने चंदन तिवारी को डराने या धमकाने का प्रयास किया। पुलिस ने इसे पूरी तरह गलत बताया है। प्रेस विज्ञप्ति में एक गंभीर संकेत देते हुए यह भी कहा गया है कि ऐसी संभावना है कि चंदन तिवारी ने यह बयान किसी बाहरी तत्वों के प्रभाव या बहकावे में आकर दिया हो। प्रशासन ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है जो परिवार को डराने या उन पर दबाव बनाने से संबंधित हो।

निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा

भोजपुर पुलिस ने पुन: दोहराया है कि वे मृतक भरत तिवारी के परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़े हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है ताकि दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा मिल सके। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए ही वे हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान में इस मामले में एक ओर परिवार द्वारा लगाए गए आरोप हैं, तो दूसरी ओर पुलिस का आधिकारिक खंडन सामने आया है। अब पूरी स्थिति जांच और साक्ष्यों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल भोजपुर पुलिस ने अपने ऊपर लगे सभी दावों को असत्य बताते हुए जांच जारी रखने की बात कही है।

https://hindi.news18.com/news/bihar/patna-bhojpur-police-press-release-denies-threat-allegations-against-sp-raj-in-bharat-tiwari-case-local18-ws-n-10608939.html