बॉलीवुड में गुटबाजी को लेकर कुणाल खेमू ने तोड़ी चुप्पी, इंडस्ट्री के कड़वे सच से उठाया पर्दा

अभिनेता कुणाल खेमू ने बॉलीवुड की गुटबाजी और कैंप कल्चर पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री हमेशा केवल प्रतिभा के दम पर नहीं चलती, बल्कि इसके पीछे कई अन्य समीकरण काम करते हैं।

बॉलीवुड का कड़वा सच और गुटबाजी

बॉलीवुड अभिनेता कुणाल खेमू ने फिल्म इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली और वहां व्याप्त गुटबाजी पर बेबाक टिप्पणी की है। एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने यह स्वीकार किया कि मनोरंजन जगत में कैंप संस्कृति आज भी मौजूद है और यह इंसानी फितरत का एक हिस्सा है। कुणाल के अनुसार, फिल्मों का निर्माण हमेशा से पूरी तरह से टैलेंट या योग्यता के आधार पर नहीं होता है, बल्कि इसके पीछे कई ऐसे समीकरण और गणित काम करते हैं जिनका कोई ठोस तर्क नजर नहीं आता।

गठबंधन का महत्व

कुणाल खेमू ने अपने नए रियलिटी शो 'अलायंस' के संदर्भ में रिश्तों के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि इंसान दो तरह के परिवारों से घिरा होता है, एक वह जिसमें उसने जन्म लिया और दूसरा वह जिसे वह खुद चुनता है जैसे कि दोस्त। कुणाल का मानना है कि मानव जीवन का पूरा ताना-बाना आपसी गठबंधन या अलायंस पर ही टिका हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पुराने समय में भी अगर कोई व्यक्ति अकेले संसाधन जुटाने में सक्षम नहीं होता था, तो उसे जीवित रहने के लिए दूसरों से हाथ मिलाना ही पड़ता था। ठीक इसी तरह, जीवन में आगे बढ़ने और सरवाइव करने के लिए अलायंस बनाना बेहद जरूरी हो गया है।

इंडस्ट्री में कैंप कल्चर

बॉलीवुड में गुटबाजी के मुद्दे पर कुणाल ने कहा कि यह एक कड़वा सच है जिसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, यह सच है कि फिल्म इंडस्ट्री में कैंप्स होते हैं। काम करने का केवल यही एक तरीका नहीं है, लेकिन हर कार्यक्षेत्र की तरह यहां भी यह सब चलता रहता है। चाहे यह बात किसी को अच्छी लगे या बुरी, पर सच्चाई यही है कि यह चलन हमेशा रहेगा। यह मानवीय स्वभाव है। अगर मैं किसी को पसंद करता हूं और उसके साथ काम करना चाहता हूं, तो मुझे कोई नहीं रोक सकता। हो सकता है कि मेरी इस पसंद से किसी दूसरे व्यक्ति का नुकसान हो जाए, लेकिन दुर्भाग्यवश दुनिया इसी तरह चलती है।

बदलते दौर और कॉर्पोरेट्स का प्रभाव

कुणाल खेमू ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले के मुकाबले गुटबाजी में कुछ कमी आई है। उन्होंने कहा कि पुराने दौर में इंडस्ट्री में कुछ गिने-चुने परिवार ही फिल्में बनाया करते थे, जिसकी वजह से कैंप्स का प्रभाव बहुत ज्यादा था। लेकिन समय के साथ जब इंडस्ट्री में कॉर्पोरेट्स की एंट्री हुई, तो चीजें बदलीं। बावजूद इसके, आज भी फिल्म बिजनेस केवल टैलेंट के दम पर तय नहीं होता है। इसके पीछे कई बार ऐसा अजीब गणित काम करता है जिसका कोई सिर-पैर नहीं होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि अच्छी कहानियों के बिना फिल्में बॉक्स ऑफिस पर टिक नहीं पातीं।

कंटेंट की अहमियत

कुणाल ने इस बात पर चिंता जताई कि कैसे एक दौर में अच्छी कहानियों को छोड़कर केवल बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर जोर दिया जाने लगा था। उन्होंने कहा, यही वजह थी कि हमने फिल्में बनाना छोड़कर प्रोजेक्ट्स बनाना शुरू कर दिया था। लेकिन खुशकिस्मती से समय सब कुछ सिखा देता है। अब दर्शक ऐसी फिल्में देखने सिनेमाघरों में नहीं जा रहे हैं। वे स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि उन्हें सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स नहीं, बल्कि दमदार कंटेंट की तलाश है।

प्राइम वीडियो पर 'अलायंस' का आगाज

बता दें कि कुणाल खेमू का नया रियलिटी शो 'अलायंस' अब प्राइम वीडियो पर प्रसारित हो रहा है। इस शो ने 26 जून को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दस्तक दी है। शो के कॉन्सेप्ट के बारे में कुणाल का कहना है कि यह असल जिंदगी से बहुत ज्यादा अलग नहीं है, क्योंकि असल जीवन में भी हमें টিকে रहने के लिए कई तरह के अलायंस बनाने और तोड़ने पड़ते हैं। इस रियलिटी शो में मनोरंजन जगत के कई मशहूर चेहरे नजर आ रहे हैं, जिनमें रवि किशन, जैद दरबार, नीति टेलर, मिनी माथुर, डॉली जावेद, कुशाल तंडन, अर्सलान गोनी, पायल गेमिंग, सैबी सूरी, रूही दोसानी, रीवा किशन, डेजी शाह और वंशज शामिल हैं।

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