देश भर में मानसून की हलचल, बंगाल-सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट और शिमला में सड़कों पर भरा सैलाब

देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय हो गया है। जहां एक ओर पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं शिमला में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जल्द ही मानसून उत्तर प्रदेश और राजस्थान की ओर रुख करने वाला है।

मानसून का विस्तार और अलर्ट

देश के बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में मानसून ने पहले ही दस्तक दे दी है, जिसके चलते वहां झमाझम बारिश का दौर चल रहा है। अब सबकी नजरें उत्तर प्रदेश और राजस्थान पर टिकी हैं, जहां अगले कुछ ही दिनों में मानसून की आधिकारिक एंट्री होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों के लिए भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश की वजह से भूस्खलन होने का खतरा भी बना हुआ है। दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शनिवार दोपहर हुई जोरदार बारिश ने शहर की यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही।

शिमला में जलजमाव और तबाही का मंजर

शिमला में बारिश का सबसे भयावह असर ढली क्षेत्र में देखा गया। यहां तेज बारिश के साथ आए मलबे ने बड़ी तबाही मचाई, जिसकी चपेट में आकर तीन वाहन पूरी तरह दब गए। नाले से निकला मलबा और पानी घरों के भीतर तक घुस गया, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शाम के 4 बजे ही आसमान में छाए घने बादलों के कारण शहर में अंधेरा छा गया। कार्यालयों से घर लौटने वाले कर्मचारियों और स्कूल से लौट रहे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस स्थिति ने नगर निगम की जल निकासी प्रणाली की पोल खोल दी, क्योंकि सड़कों पर पानी जमा होने से गाड़ियां रेंगती नजर आईं और मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो गए।

मौसम विभाग की चेतावनी और आगामी पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने चंबा, शिमला, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, इन क्षेत्रों में बारिश के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है और हवाएं 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश में अगले सात दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। विभाग ने बताया है कि 26 जून से 30 जून के बीच हल्की बारिश होगी। इसके बाद 30 जून की रात को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 1 और 2 जुलाई को पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसमें हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों और भूस्खलन वाले इलाकों के पास न जाने की सलाह दी है।

यूपी और राजस्थान में मानसून की राह

मानसून की स्थिति पर गौर करें तो यह गुजरात और मध्य प्रदेश तक पहुँच चुका है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बड़े हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह छा गया है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी इसके पहुंचने की तैयारी है। हालांकि, मानसून के आगमन से पहले ही पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इन राज्यों में छिटपुट से लेकर तेज बारिश का दौर जारी है। पूरे देश में मानसून की इस प्रगति के चलते मौसम विभाग लगातार अपनी नजर बनाए हुए है और नियमित रूप से नए बुलेटिन जारी कर रहा है।

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