होर्मुज जलडमरूमध्य पर सुलह की उम्मीद, अमेरिका ने कहा आज या कल हो सकता है बड़ा समझौता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए ईरान के साथ समझौता जल्द हो सकता है।

होर्मुज विवाद में सुलह की किरण

मिडिल ईस्ट में पिछले काफी समय से जारी तनाव के बीच अब दुनिया की नजरें होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हैं। यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक बड़ा दावा करते हुए संकेत दिए हैं कि इस महत्वपूर्ण रास्ते को पूरी तरह खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही कोई समझौता हो सकता है। बेसेंट के अनुसार, इस दिशा में बातचीत चल रही है और पूरी संभावना है कि आज या कल तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने आ जाए।

बातचीत में प्रगति और बेसेंट का दावा

अमेरिकी वित्त मंत्री ने सीएनबीसी को दिए अपने एक विशेष साक्षात्कार में विस्तार से इस स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच आधिकारिक स्तर पर बातचीत जारी है और हालात को सामान्य बनाने की दिशा में काफी अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। बेसेंट ने कहा कि अमेरिका सीधे ईरान के साथ संपर्क में है और उसे उम्मीद है कि आने वाले 24 से 48 घंटों के भीतर समझौते की औपचारिक घोषणा हो सकती है।

जब उनसे इस समझौते की शर्तों के बारे में पूछा गया, विशेषकर इस बात पर कि क्या ईरान जहाजों से किसी तरह का टोल या शुल्क वसूलने की अनुमति मांगेगा, तो बेसेंट ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौते का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को बिना किसी बाधा के सुनिश्चित करना है। इसका सीधा अर्थ यह है कि दुनिया भर के जहाज बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।

तनावपूर्ण हालात के बावजूद उम्मीद

बेसेंट ने स्वीकार किया कि बीते कुछ दिन अत्यधिक तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण रहे हैं। क्षेत्र में लगातार सैन्य गतिविधियों के चलते जहाजों की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। हालांकि, इन मुश्किल हालातों के बावजूद कुछ जहाज अभी भी जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजर रहे हैं। अमेरिका की प्राथमिकता यह है कि जल्द से जल्द कोई स्थायी समझौता हो, ताकि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर यातायात पूरी तरह बहाल हो सके और वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रहे।

ईरान का दृष्टिकोण और आंतरिक मजबूती

दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईरान मौजूदा तनाव को और अधिक बढ़ाना नहीं चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि देश की संप्रभुता, सीमाओं या राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई भी खतरा उत्पन्न होता है, तो ईरान अपनी रक्षा के लिए हर संभव और कड़ी कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा। आईआरआईबी के अनुसार, पेजेशकियन ने जोर देकर कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ईरान के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य अपनी आंतरिक शक्ति को बढ़ाना और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करना है।

ओमान की भूमिका और नई शिपिंग योजना

इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच भी समानांतर बातचीत चल रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने बताया कि दोनों देश एक साझा द्विपक्षीय शिपिंग रूट तैयार करने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। तेहरान में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बघेई ने स्पष्ट किया कि यदि इस योजना को अंतिम रूप दिया जाता है, तो यह मौजूदा जटिल व्यवस्था का स्थान ले सकती है। वर्तमान में इस जलडमरूमध्य में जहाजों के गुजरने के लिए कई अलग-अलग लेन का उपयोग किया जाता है, जिन्हें एक सुव्यवस्थित ढांचे में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है। सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है, हालांकि ईरान ने इस दावे का खंडन किया है। ट्रंप ने इसे ईरान के लिए एक अवसर बताते हुए कहा कि यह समझौता करने का उनके पास आखिरी मौका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वार्ता सफल नहीं होती है, तो ईरान को इसके बहुत गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने ईरान के साथ संवाद जारी रखने का निर्णय सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और क्षेत्र के अन्य देशों के साथ चर्चा करने के बाद लिया है। इन देशों का मानना है कि सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही तनाव को कम किया जा सकता है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली यह बातचीत वास्तव में किसी समझौते तक पहुंचती है या फिर क्षेत्र में तनाव और गहराता है।

https://hindi.news18.com/world/america-breakthrough-on-hormuz-likely-soon-us-claims-agreement-may-be-reached-shortly-10718414.html