मानसून पर IMD का बड़ा अपडेट: जुलाई में कब से होगी झमाझम बारिश, किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मानसून की सुस्त रफ्तार पर ताजा जानकारी साझा की है, जिसके अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह से बारिश में तेजी आने की उम्मीद है।

मानसून की धीमी चाल पर मौसम विभाग का नया अलर्ट

देशभर में इस बार मानसून की शुरुआत काफी कमजोर रही है और बारिश की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने एक राहत भरी खबर दी है। विभाग का कहना है कि हालांकि अभी मानसून की गति थोड़ी धीमी जरूर है, लेकिन आने वाले कुछ दिनों में हालात बदलने वाले हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 1 जुलाई के बाद से देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जोर पकड़ सकती है, जिससे खेती-किसानी के काम में तेजी आने की उम्मीद है।

जुलाई के पहले हफ्ते में बदलेंगे मौसम के मिजाज

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 25 जून से 1 जुलाई के बीच देश के ज्यादातर इलाकों में बारिश सामान्य से कम रहने के आसार हैं। केवल दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है। लेकिन असली राहत की खबर 2 से 8 जुलाई के बीच के लिए है। इस अवधि में मानसून का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है और देश के बड़े हिस्से में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज किए जाने की उम्मीद है। कृषि और जल संसाधनों के संरक्षण के दृष्टिकोण से जुलाई का यह पहला सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब तक मानसून का प्रदर्शन और बारिश का घाटा

मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो मानसून ने अब तक उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया है। आंकड़ों के अनुसार, 24 जून तक बीते एक सप्ताह में देश में सामान्य से 47 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, अगर हम 1 जून से अब तक के कुल मानसून सीजन की बात करें, तो बारिश 42 फीसदी कम हुई है। सबसे विकट स्थिति मध्य भारत की है, जहां बारिश की कमी का आंकड़ा 59 फीसदी तक जा पहुंचा है, जिसने किसानों की बुवाई की तैयारियों को प्रभावित किया है।

मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां

IMD की वैज्ञानिक सुषमा नायर के अनुसार, 26 जून से 28-29 जून तक मानसूनी हवाएं कुछ कमजोर स्थिति में रहेंगी। फिलहाल ऐसा कोई सक्रिय मौसमी सिस्टम नहीं बन रहा है जो मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करे। हालांकि, अच्छी बात यह है कि जून के अंतिम दिनों से मानसूनी प्रवाह में मजबूती आएगी और बारिश की गतिविधियां बढ़ जाएंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून के विस्तार के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती दिख रही हैं। इसका सीधा लाभ उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों को मिलेगा, जहां मानसून जल्द ही दस्तक दे सकता है।

खरीफ फसलों के लिए उम्मीद की किरण

जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाली संभावित बारिश को खरीफ फसलों की बुवाई के लिए संजीवनी माना जा रहा है। यदि मौसम विभाग का यह अनुमान सटीक साबित होता है, तो उन राज्यों को बड़ी राहत मिलेगी जो जून के महीने में बारिश की कमी का सामना कर रहे थे। पर्याप्त जल भंडारण और खेतों में नमी आने से किसान अपनी खरीफ फसलों की बुवाई के काम में गति ला पाएंगे, जिससे आगामी फसल चक्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

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