हरियाणा में धूल भरी आंधी का अलर्ट, हिमाचल में शिमला से ऊना तक मौसम विभाग की चेतावनी

हरियाणा में भीषण गर्मी के बीच 28 जून से मौसम बदलने के आसार हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के साथ भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

हरियाणा में मानसून का इंतजार और मौसम का मिजाज

हरियाणा के निवासियों को मॉनसून की पहली फुहारों के लिए अभी थोड़ा और धैर्य रखना होगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 7 दिनों में मौसम में केवल 28 और 29 जून को ही आंशिक बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। इन दो दिनों में मौसम में आने वाले इस मामूली बदलाव से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, लेकिन इसके अलावा बाकी दिन मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ बना रहेगा। हवा शांत रहने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को काफी परेशान कर सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ और तापमान की स्थिति

मौसम विभाग ने बताया है कि 28 जून की दोपहर के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जो हरियाणा के मौसम में बड़ा बदलाव ला सकता है। इस प्रणाली के प्रभाव से कई क्षेत्रों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। फिलहाल, 27 और 28 जून की दोपहर तक मौसम आमतौर पर साफ रहने वाला है। इस अवधि में दिन का अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जाने की आशंका है। उल्लेखनीय है कि जून के पूरे महीने में अब तक केवल तीन ही ऐसे दिन रहे हैं, जब हरियाणा का तापमान 44 डिग्री के स्तर को पार कर पाया है।

हरियाणा में आज का मौसम पूर्वानुमान

आज के मौसम पर नजर डालें तो आकाश में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है। दोपहर और शाम के समय बहुत हल्की बारिश, आंधी, और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद 28 जून को भी आसमान में बादल रहेंगे और दिन में तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। शाम और रात के समय हवा की गति कम होकर उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएगी।

हिमाचल प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप

दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश में मानसून के आगमन से ठीक पहले मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी शिमला में शनिवार को हुई तेज बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। धल्ली इलाके से सामने आए वीडियो फुटेज में सड़कों पर पानी का सैलाब बहता हुआ नजर आया, जिससे आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिमला के आशियाना कॉलोनी में कल यानी 26 जून को भूस्खलन के कारण मलबा गिरने से तीन गाड़ियां मलबे में दब गईं, और धल्ली का मुख्य रास्ता भी बाधित हो गया।

अगले कुछ दिनों का मौसम और चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के शिमला केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अब तेजी पकड़ने वाली हैं। आने वाले तीन से चार दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगले सप्ताह की शुरुआत तक राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा, गरज के साथ बौछारें और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश की वजह से भूस्खलन, जलभराव और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ने का खतरा बना हुआ है।

किन जिलों पर रहेगा असर

हिमाचल के शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, ऊना, किन्नौर और कांगड़ा जिलों में आज 27 जून को मध्यम स्तर की बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। अगले चार दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई तक पूरे राज्य में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। विशेष रूप से आज से सोमवार तक चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों के लिए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अगले 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि उच्च पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ-साथ बर्फबारी की भी संभावना बनी हुई है।

किसानों और आम नागरिकों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने जनता को सुरक्षा के लिहाज से निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  • खराब मौसम के दौरान घर के अंदर ही रहें और खिड़कियां व दरवाजे बंद रखें।
  • यात्रा करने से परहेज करें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
  • तेज हवाओं और गरज-चमक के समय बड़े पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों।
  • कंक्रीट की फर्श पर न लेटें और न ही कंक्रीट की दीवारों का सहारा लेकर खड़े हों।
  • बिजली के सभी उपकरणों को प्लग से निकाल दें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।

किसानों को भी यह सलाह दी गई है कि वे खेतों में किसी भी प्रकार का कार्य करने से पहले मौसम विभाग के नवीनतम अपडेट पर कड़ी नजर रखें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। राज्य प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और पर्यटकों व स्थानीय निवासियों से अनुरोध किया है कि वे मौसम संबंधी जानकारियों को गंभीरता से लें और सतर्क रहें।

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