मिर्गी के मरीजों के लिए आधुनिक तकनीक
एसएमएस अस्पताल में मिर्गी से जूझ रहे मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाया गया है। अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में 90 लाख रुपये की लागत से एक नई और उच्च तकनीक वाली 128-चैनल ईसीओजी मशीन लगाई गई है। यह कदम उन मरीजों के लिए एक बड़ी राहत है, जिनकी मिर्गी की समस्या सामान्य दवाओं से ठीक नहीं हो पाती है।
कैसे काम करती है यह मशीन
यह ईसीओजी मशीन मस्तिष्क की सतह से सीधे इलेक्ट्रिक गतिविधियों को रिकॉर्ड करती है। इस तकनीक के माध्यम से डॉक्टर यह सटीक रूप से पता लगा सकते हैं कि मरीज के दिमाग के किस हिस्से से मिर्गी के दौरे की शुरुआत हो रही है। जानकारी के अनुसार, यह प्रक्रिया उपचार और सर्जरी को पहले से कहीं अधिक प्रभावी और सटीक बनाने में मदद करेगी।
इलाज में आएगी सटीकता
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस मशीन के आने से मिर्गी के उपचार की प्रक्रिया में एक नया मोड़ आया है। जो मरीज दवाइयों के असर से बाहर हैं, उनके लिए अब सर्जरी की योजना बनाना आसान हो जाएगा क्योंकि डॉक्टरों को दिमाग के प्रभावित हिस्से की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इस हाईटेक मशीन को न्यूरोलॉजी विभाग में स्थापित कर दिया गया है और अब मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है।
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