गुना में निर्भया जैसी बर्बरता के बाद सख्त हुआ प्रशासन
मध्य प्रदेश के गुना जिले में हाल ही में घटी एक वीभत्स घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला एक युवती के साथ हुई सामूहिक दरिंदगी और लूटपाट का है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना गुना जिले के नेशनल हाईवे पर गादेर के पास स्थित जंगल क्षेत्र में हुई। इस मामले में एक इंजीनियर और उनकी मंगेतर को निशाना बनाया गया। प्रशासन ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 24 घंटे के भीतर ही सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अब आरोपियों के खिलाफ शासन ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए उनके अवैध ठिकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई की है। राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बोरखेड़ा गांव पहुंचकर आरोपियों द्वारा वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
वन विभाग की जमीन से हटाए गए अवैध निर्माण
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब आरोपियों की कुंडली खंगाली, तो उनके कई काले कारनामों का खुलासा हुआ। जांच में यह तथ्य सामने आया कि ये सभी आरोपी लंबे समय से वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा करके रह रहे थे। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद वन विभाग और जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ बोरखेड़ा गांव पहुंची। यहां जेसीबी मशीनों के माध्यम से आरोपियों के घरों और अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया। जिला प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कैसे हुई थी खौफनाक वारदात?
यह पूरी घटना बीते गुरुवार की रात लगभग 8 बजे की है। कोलकाता की रहने वाली 26 वर्षीय पीड़िता अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर हनुमान टेकरी मंदिर से दर्शन करके लौट रही थी। तभी पेट्रोल पंप के पास तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोका और बाइक का टायर पंक्चर होने का झूठा बहाना बनाया। जैसे ही वे रुके, बदमाशों ने गाड़ी की चाबी निकाल ली और युवती को बालों से खींचते हुए सड़क किनारे घने जंगल में ले गए। जंगल में पहुंचने के बाद आरोपियों ने फोन के जरिए अपने तीन अन्य साथियों को भी वहां बुला लिया।
क्रूरता की सभी सीमाएं हुई पार
जंगल के भीतर आरोपियों ने युवक और युवती को डंडों व थप्पड़ों से बुरी तरह पीटा। उन्होंने दोनों को जान से मारने की धमकी दी और उनसे मोबाइल, नकदी और बाइक छीन ली। इसके बाद आरोपियों ने युवक को बंधक बनाकर एक तरफ कर दिया, जबकि तीन दरिंदों ने पीड़िता के साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता ने खुद को बचाने का हर संभव प्रयास किया, संघर्ष किया और आरोपियों को नोंचा भी, लेकिन हैवानों ने उसके ही कपड़ों से उसके हाथ बांध दिए थे। जब युवती चीखी, तो एक आरोपी ने सारी हदें पार करते हुए उसके निजी अंगों में लकड़ी घुसाने का प्रयास किया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और रक्तस्राव शुरू हो गया। उसी समय एक सतर्क राहगीर वहां से गुजरा और उसने डायल 112 को तुरंत सूचित किया। पुलिस सायरन बजाते हुए जैसे ही घटनास्थल पर पहुंची, आरोपी वहां से भागने पर मजबूर हो गए।
पकड़े गए आरोपियों की सूची
पुलिस की जांच में पकड़े गए पांचों आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- बबलू बंजारा (23 वर्ष), पिता हीरालाल बंजारा, निवासी ग्राम बोरखेड़ा, थाना धरनावदा।
- छोटू बंजारा (28 वर्ष), पिता मांगीलाल बंजारा, निवासी ग्राम खजरा, थाना राघौगढ़।
- सरदार बंजारा (30 वर्ष), पिता कर्मा उर्फ करम सिंह बंजारा, निवासी ग्राम विन्याकी, थाना राघौगढ़।
- महेंद्र बंजारा (20 वर्ष), पिता गब्बा बंजारा, निवासी ग्राम बोरखेड़ा, थाना धरनावदा।
- दिनेश बंजारा (28 वर्ष), पिता गब्बा बंजारा, निवासी ग्राम बोरखेड़ा, थाना धरनावदा।
ज्ञात हो कि इनमें से आरोपी दिनेश बंजारा पर पहले से ही दुष्कर्म का एक मामला दर्ज है। पुलिस और प्रशासन की यह संयुक्त कार्रवाई अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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