गोरखपुर नौका विहार में हेल्थ ड्रिंक का क्रेज, मोरिंगा और नीम के सूप के लिए उमड़ती है भीड़

गोरखपुर के नौका विहार इलाके में लोग सुबह की शुरुआत मोरिंगा, नीम और तुलसी के आयुर्वेदिक पेय पदार्थों के साथ कर रहे हैं। हालांकि ये ड्रिंक्स सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इनके सेवन को लेकर खास सलाह भी देते हैं।

गोरखपुर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे लोग

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से काफी सतर्क हो गए हैं। गोरखपुर का नौका विहार क्षेत्र इस बदलाव का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है, जहां सुबह की सैर पर निकलने वाले लोग चाय या कॉफी की जगह अब प्राकृतिक और औषधीय गुणों वाले पेय पदार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यहाँ मोरिंगा, नीम और तुलसी से तैयार सूप और जूस का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सुबह के समय यहाँ का नजारा देखने लायक होता है, जब लोग स्वस्थ रहने की चाहत में इन विशेष ड्रिंक्स का आनंद लेने के लिए स्टॉल पर कतार में खड़े नजर आते हैं।

सुबह की शुरुआत औषधीय सूप के साथ

नौका विहार में इन स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थों का स्टॉल लगाने वाले राहुल बताते हैं कि वे प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 9 बजे के बीच ही ग्राहकों को सेवा देते हैं। उनके पास आने वाले नियमित ग्राहकों का कहना है कि इन जूस और सूप के सेवन से वे खुद को अधिक स्फूर्तिवान और ऊर्जावान महसूस करने लगे हैं। यही वजह है कि सुबह होते ही यहाँ लोगों की लंबी लाइन लग जाती है। स्वास्थ्य के प्रति इस बढ़ती जागरूकता का ही परिणाम है कि लोग अब केमिकल युक्त कोल्ड ड्रिंक्स या हानिकारक पेय पदार्थों से किनारा कर रहे हैं।

मोरिंगा को क्यों कहते हैं सुपरफूड

मोरिंगा यानी सहजन का पौधा अपने आप में औषधीय गुणों का भंडार है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इसे एक सुपरफूड के रूप में मान्यता देते हैं। मोरिंगा की पत्तियों में विटामिन A, C और E के साथ-साथ कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कई प्रकार के नुकसान से बचाने में मददगार होते हैं। कई शोधों में यह बात स्पष्ट हुई है कि यदि संतुलित आहार के साथ मोरिंगा का नियमित सेवन किया जाए, तो यह न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में भी प्रभावी भूमिका निभाता है।

नीम और तुलसी की महत्ता

मोरिंगा के साथ-साथ नीम और तुलसी का जूस भी लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है। आयुर्वेद में नीम को शरीर की आंतरिक सफाई और त्वचा संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए अत्यंत गुणकारी माना गया है। वहीं, तुलसी का सेवन विशेष रूप से बदलते मौसम में होने वाले संक्रमण से बचने और इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए किया जाता है। नौका विहार में आने वाले लोग इन तीनों के मिश्रण या अलग-अलग सूप को स्वास्थ्य के लिए एक जादुई खुराक की तरह देख रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय और महत्वपूर्ण सावधानियाँ

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का इस ट्रेंड पर कहना है कि मोरिंगा, नीम और तुलसी जैसे पौधों में भले ही अद्भुत औषधीय गुण मौजूद हों, लेकिन इन्हें किसी भी गंभीर बीमारी का स्थाई इलाज या एलोपैथी दवाओं का विकल्प मान लेना गलत होगा। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति पहले से ही मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या लीवर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है या नियमित दवाइयों का सेवन कर रहा है, तो उन्हें किसी भी हर्बल पेय को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले अपने चिकित्सक या किसी जानकार आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के अत्यधिक सेवन कई बार उल्टा प्रभाव भी डाल सकता है।

निष्कर्ष

गोरखपुर के नौका विहार में दिख रही यह तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि आम जनमानस अब अपने खान-पान के प्रति काफी जागरूक हो चुका है। मॉर्निंग हेल्थ ड्रिंक के रूप में मोरिंगा और नीम जैसे प्राकृतिक विकल्पों की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि लोग आयुर्वेद की ओर लौट रहे हैं। हालांकि, प्राकृतिक चीजों का लाभ तभी मिलता है जब उन्हें सही मात्रा और सही तरीके से लिया जाए। इन पेय पदार्थों को अपनी सेहत का हिस्सा बनाते समय उचित आहार और डॉक्टरी सलाह के महत्व को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/gorakhpur-moringa-neem-and-tulsi-soup-are-amazing-keep-diseases-away-learn-how-to-use-it-local18-ws-l-10605196.html