मानसून के चलते बंद होगी जंगल सफारी
झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व का प्रमुख आकर्षण बेतला नेशनल पार्क हर साल मानसून के आगमन के साथ ही कुछ महीनों के लिए पर्यटकों के लिए अपनी सफारी सेवाएं बंद कर देता है। इस बार भी मानसून की दस्तक के साथ ही जंगल सफारी के संचालन पर अस्थायी रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। वन्यजीवों की सुरक्षा और मानसून के दौरान जंगलों में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए हर साल यह कदम उठाया जाता है। यदि आप आने वाले समय में प्रकृति की गोद में समय बिताने या जंगल सफारी का रोमांच महसूस करने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए पलामू टाइगर रिजर्व का भ्रमण करने का सबसे उपयुक्त समय है।
नियमों के तहत हर साल लगाई जाती है रोक
भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, देश के विभिन्न टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों में बारिश के मौसम के दौरान जंगल सफारी को बंद रखने का प्रावधान है। इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन बेतला नेशनल पार्क में तीन महीने के लिए सफारी का संचालन स्थगित कर देता है। पिछले वर्ष भी एक जुलाई से सफारी पर रोक लगा दी गई थी, जिसे मानसून की विदाई के बाद दोबारा पर्यटकों के लिए खोला गया। यह एक निर्धारित वार्षिक प्रक्रिया है ताकि वन्यजीवों के प्रजनन काल और मानसून के दौरान उनकी गतिविधियों में कोई बाधा न आए।
अभी भी खुला है पर्यटकों के लिए पार्क
वन विभाग के कर्मचारी निरंजन कुमार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल बेतला नेशनल पार्क में सफारी सेवाएं पूरी तरह से सक्रिय हैं। पर्यटकों को निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पार्क अभी बंद नहीं हुआ है। वर्तमान में सफारी का समय सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इस दौरान आप ओपन सफारी का आनंद लेते हुए जंगल के भीतर जाकर वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का भरपूर लुत्फ उठा सकते हैं। यह अगले कुछ दिनों तक उपलब्ध रहेगा, इसलिए योजना बनाकर आप बेतला का रुख कर सकते हैं।
वन्यजीवों का अद्भुत संसार
बेतला नेशनल पार्क अपनी घनी हरियाली और समृद्ध वन्यजीव प्रजातियों के लिए देश भर में मशहूर है। यहां का सफर पर्यटकों के लिए रोमांच से भरा होता है। सफारी के दौरान आप बाघ, तेंदुआ, बाइसन, गौर, चीतल, सांभर, हिरण और भालू जैसे जानवरों को काफी करीब से देख सकते हैं। घने पेड़ों के बीच से गुजरती ओपन सफारी गाड़ी और प्रकृति का शांत वातावरण पर्यटकों को एक यादगार अनुभव प्रदान करता है। बारिश से ठीक पहले का यह समय फोटोग्राफी और जंगल भ्रमण के शौकीनों के लिए बेहद खास माना जाता है।
ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाएं
बेतला नेशनल पार्क घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए वन विभाग ने ठहरने के लिए शानदार इंतजाम किए हैं। यदि आप रात में जंगल की शांति और वन्यजीवों की अनूठी ध्वनियों का अनुभव करना चाहते हैं, तो यहां के कॉटेज और ट्री हाउस एक बेहतरीन विकल्प साबित होते हैं। यहां पर्यटकों के लिए वातानुकूलित कमरे भी उपलब्ध हैं, जो आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस हैं। इसके साथ ही, परिसर में कैंटीन की सुविधा और पर्यटकों के लिए स्मृति-चिह्न खरीदने के लिए एक समर्पित शॉप भी मौजूद है। आप यहाँ आकर न केवल प्रकृति का आनंद ले सकते हैं, बल्कि ठहरने की आरामदायक सुविधाओं के साथ अपने सफर को सुखद भी बना सकते हैं।
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