वेलकम टू द जंगल: सिनेमाघरों में कॉमेडी का धमाका
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के माहौल में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में फिरोज ए नाडियाडवाला द्वारा निर्मित और निर्देशक अहमद खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' दर्शकों के लिए राहत की एक ताजी हवा की तरह आई है। यह कुल 2 घंटे 43 मिनट का सिनेमाई सफर है, जो दर्शकों को मनोरंजन के एक ऐसे सफर पर ले जाता है, जहां सिर्फ हंसी और पागलपन देखने को मिलता है।
फिल्म का कथानक और अनूठा कॉन्सेप्ट
इस फिल्म की पटकथा काफी अनोखी और रचनात्मक है। कहानी एक बेहद चतुर और रईस राजनेता के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो अपनी अकूत और अघोषित संपत्ति को सरकारी आयकर विभाग की छापेमारी से बचाने की कोशिश में जुटा है। अपनी इस भारी भरकम राशि को ठिकाने लगाने के लिए वह एक अजीबोगरीब योजना बनाता है। वह फिल्म निर्माण की आड़ में इस काले धन को सफेद करने का फैसला करता है। यहीं से शुरू होती है 2,000 करोड़ रुपये के बजट वाली एक फर्जी फिल्म की कहानी।
इस काल्पनिक फिल्म में दुनिया भर के नाकाम कलाकारों, पुराने अंडरवर्ल्ड के डॉन और बिल्कुल नए निर्देशकों को जबरदस्ती शामिल किया जाता है। असली मजा तब शुरू होता है जब एक अनपेक्षित मोड़ पर नेताजी का सारा पैसा गायब हो जाता है। अब इस अजीबोगरीब टीम के पास अपनी अधूरी फिल्म को पूरा करने और उसे सुपरहिट साबित करने के लिए महज 24 घंटे का समय बचा है। इसके बाद जब यह पूरी टीम असली आतंकवादियों और दुनिया की मुश्किलों से टकराती है, तो स्थितिजन्य कॉमेडी का एक ऐसा जाल बिछता है जो दर्शकों को हंसते-हंसते लोटपोट कर देता है।
अभिनय का महाकुंभ
फिल्म में बॉलीवुड के कई बड़े सितारों का संगम देखने को मिलता है। अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, श्रेयस तलपड़े, परेश रावल, जैकी श्रॉफ, आफताब शिवदासानी, दिशा पटानी, जैकलीन फर्नांडीस और लारा दत्ता जैसे बड़े सितारे पूरे समय स्क्रीन पर छाए रहते हैं। हालांकि, इतनी बड़ी स्टार कास्ट के बीच सीनियर कलाकार किरण कुमार और फरीदा जलाल सबसे बड़ा सरप्राइज साबित हुए हैं। पूरी फिल्म में उनके द्वारा किए गए मजेदार जोक्स फिल्म की जान हैं।
कॉमेडी के मामले में जॉनी लीवर, राजपाल यादव, कीकू शारदा और कृष्णा अभिषेक की मौजूदगी फिल्म के संवादों को एक अलग ही स्तर पर ले जाती है। फिल्म का सबसे यादगार पल प्री-क्लाइमेक्स के दौरान आता है, जब रवीना टंडन स्क्रीन पर एंट्री करती हैं और अक्षय कुमार की आंखों में देखकर पूछती हैं, 'आप पिछले 20 साल कहां थे?' यह 90 के दशक की यादों को ताजा कर देता है और थिएटर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता है।
निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी
इतने सारे बड़े सितारों को एक ही फ्रेम में कुशलता से पिरोना और किसी भी कलाकार की भूमिका को कम न होने देना, निर्देशक अहमद खान की बड़ी जीत है। फिल्म का पहला भाग किरदारों से परिचय कराने में थोड़ा वक्त लेता है, लेकिन दूसरा हाफ किसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन की तरह दौड़ता है। कबीर लाल की सिनेमैटोग्राफी और फिरोज नाडियाडवाला द्वारा बनाए गए बड़े सेट फिल्म को एक भव्य स्वरूप प्रदान करते हैं, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखते हैं।
म्यूजिक और तकनीकी पक्ष
फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और संगीत इसकी तेज रफ्तार के साथ पूरी तरह से मेल खाते हैं। गानों को बड़े पैमाने पर फिल्माया गया है, जो दर्शकों को आकर्षित करते हैं। अहमद खान का कोरियोग्राफी बैकग्राउंड फिल्म के डांस नंबर्स में साफ तौर पर झलकता है, जिससे फिल्म का व्यावसायिक मूल्य और भी बढ़ जाता है।
फिल्म की कुछ कमियां
फिल्म भरपूर मनोरंजन करती है, लेकिन 2 घंटे 43 मिनट की अवधि कुछ दर्शकों को थोड़ी लंबी महसूस हो सकती है। पहले हाफ में गानों की अधिकता और ढेरों किरदारों के आगमन के कारण कहानी की गति थोड़ी धीमी पड़ती है। साथ ही, जो दर्शक बहुत अधिक तार्किकता या गंभीर सिनेमा की तलाश में हैं, उन्हें कुछ दृश्य थोड़े बचकाने और शोर-शराबे वाले लग सकते हैं।
अंतिम फैसला
संक्षेप में कहा जाए तो 'वेलकम टू द जंगल' का मतलब यह नहीं है कि इसे बनाने में मेहनत नहीं की गई है। यह एक माइंडफुल एंटरटेनर है जिसे दर्शकों को खुशी देने के इरादे से बनाया गया है। यदि आप इस सप्ताहांत अपने पूरे परिवार, बच्चों और माता-पिता के साथ मनोरंजन का आनंद लेना चाहते हैं और अपने चहेते सितारों को एक साथ बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। मेरी तरफ से इस फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार मिलते हैं।
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