पलामू में चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी कामयाबी, रोबोटिक सर्जरी से हुआ सफल घुटना प्रत्यारोपण

झारखंड के पलामू जिले ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है, जहां पहली बार अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक का उपयोग करते हुए मरीजों के घुटने का सफल प्रत्यारोपण किया गया है।

पलामू में आधुनिक चिकित्सा का नया अध्याय

झारखंड का पलामू जिला, जो पहले नक्सलवाद और पिछड़ेपन की पहचान से जूझता था, अब स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर रहा है। मेदिनीनगर स्थित निर्मला मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में पहली बार अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक की मदद से मरीजों के घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) की सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई है। सोमवार को हुई इस सर्जरी के जरिए दो मरीजों को जोड़ों की गंभीर समस्या से छुटकारा मिला है।

कैसे काम करती है रोबोटिक तकनीक

हड्डी रोग विशेषज्ञ और रोबोटिक सर्जन डॉ. प्रवीण सिद्धार्थ ने बताया कि इस उन्नत प्रक्रिया में मरीज के घुटने का विस्तृत सीटी स्कैन किया जाता है। प्राप्त आंकड़ों को कंप्यूटर सिस्टम में फीड कर मरीज की शारीरिक संरचना का एक डिजिटल मॉडल तैयार किया जाता है। इसके बाद कंप्यूटर की सटीक योजना के अनुसार रोबोटिक सिस्टम से ऑपरेशन किया जाता है। इस तकनीक के मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:

  • हड्डियों और मांसपेशियों को कम से कम नुकसान पहुंचता है।
  • सर्जरी में कट-छांट बहुत कम होती है और सटीकता अधिक रहती है।
  • मरीज का स्वास्थ्य सुधार अपेक्षाकृत तेजी से होता है।
  • ऑपरेशन के परिणाम लगभग शत-प्रतिशत सटीक होते हैं।

किफायती इलाज का लक्ष्य

डॉ. प्रवीण सिद्धार्थ ने बताया कि उन्होंने सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण लिया है। उनका उद्देश्य पलामू के मरीजों को महानगरों जैसी सुविधा अपने ही जिले में उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में इस सर्जरी का खर्च 7 से 10 लाख रुपये तक आता है, जबकि उनका लक्ष्य इसे पलामू में डेढ़ से दो लाख रुपये के भीतर उपलब्ध कराना है। इस सर्जरी के लिए एक मरीज का ऑपरेशन झारखंड सरकार की राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत किया गया है।

क्षेत्र के लिए गर्व का विषय

इस उपलब्धि पर भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सलाहकार दीपक ठाकुर ने अस्पताल पहुंचकर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया और उम्मीद जताई कि भविष्य में बिहार सहित अन्य राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए पलामू का रुख करेंगे। डॉ. सिद्धार्थ का मानना है कि जैसे ही मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की सुविधा शुरू होगी, वहां भी इसी तरह की अत्याधुनिक तकनीक को लाया जाएगा ताकि पलामू के लोगों को विदेशों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकें।

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