मिट्टी के बर्तन में पका भोजन अपने अनोखे स्वाद के लिए जाना जाता है। चाहे सब्जी हो या दाल, इसमें मिट्टी की सोंधी महक खुद-ब-खुद घुल जाती है। लेकिन इन बर्तनों को इस्तेमाल करने का एक सही तरीका होता है। अगर आप पहली बार मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने जा रहे हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है, वरना पकाते समय बर्तन में दरार आ सकती है या वह टूट सकता है।
खाना बनाने से पहले बरतें ये सावधानियां
रातभर पानी में भिगोकर रखें: बर्तन में खाना पकाने से पहले उसे पूरी रात पानी में भिगोकर रखें। चाहें तो बर्तन में ही पानी भरकर छोड़ दें। इससे मिट्टी में नमी समा जाती है और पकाते वक्त उसमें दरार नहीं पड़ती।
अच्छी तरह सुखाएं: अगली सुबह बर्तन का पानी निकालकर उसे धूप में अच्छी तरह सुखा लें। कम से कम तीन से चार घंटे तक उसे धूप में रखना चाहिए।
सरसों का तेल लगाएं: बर्तन सूख जाने के बाद उसे कपड़े से साफ करें और अंदर से लेकर बाहर तक उस पर अच्छी तरह सरसों का तेल लगाएं। तेल लगाने के बाद उसे दोबारा तीन से चार घंटे धूप में रखें। ऐसा करने से तेल मिट्टी के भीतर तक समा जाता है और खाना पकाते समय बर्तन टूटता नहीं।
धीमी आंच पर पकने दें: जब बर्तन को गैस पर रखें, तो उसे 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर अच्छी तरह पकने दें। इससे मिट्टी का बर्तन सीजन हो जाता है। इन बर्तनों में खाना पकाते समय ज्यादातर गर्म पानी का ही उपयोग करें।
इन बातों का भी रखें खास ध्यान
मिट्टी के बर्तनों को धोते समय केमिकल वाले साबुन या लिक्विड डिशवॉशर के इस्तेमाल से बचें।
इन बर्तनों को साफ करने के लिए उपले और गोइंठा की जली हुई राख का प्रयोग करें। इससे बर्तन आसानी से साफ हो जाता है।
मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाते समय हमेशा लकड़ी की करछी या चम्मच का ही इस्तेमाल करें।
https://www.indiatv.in/lifestyle/features/keep-these-points-in-mind-before-cooking-in-a-clay-pot-for-the-first-time-otherwise-it-may-crack-2026-06-04-1222934