कबाड़ से तैयार हुआ अनूठा कैफे
देवभूमि ऋषिकेश अपनी आध्यात्मिक शांति और गंगा के किनारों के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन इन दिनों यहां का तुलसी रेस्टोरेंट अपने अलग अंदाज के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। लक्ष्मण झूला के समीप स्थित यह कैफे केवल अपने खाने के स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि यहां की सजावट के लिए भी पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
वेस्ट मैटेरियल का बेहतरीन इस्तेमाल
इस रेस्टोरेंट की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटीरियर है, जिसे पूरी तरह से वेस्ट मैटेरियल या कबाड़ से तैयार किया गया है। कैफे के मालिक ने पुरानी और बेकार हो चुकी चीजों को कलात्मक रूप देकर नया जीवन दिया है। यहां आने वाले पर्यटक इन चीजों को देखकर हैरान रह जाते हैं:
- पुरानी लोहे की ठेलियों को शानदार डाइनिंग टेबल में बदल दिया गया है।
- जंग लगी हुई पुरानी कढ़ाइयों को सिंक का रूप देकर एक नया प्रयोग किया गया है।
- पुराने टायरों का उपयोग बैठने के लिए बेंच बनाने में किया गया है।
- खाली बोतलों को सजावट के बेहतरीन सामान के तौर पर इस्तेमाल किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
तुलसी रेस्टोरेंट केवल सजावट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहा है। यहां प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। अपने अनूठे दृष्टिकोण से यह कैफे न केवल पर्यटकों को एक अच्छा अनुभव देता है, बल्कि कचरे के सही प्रबंधन और पर्यावरण सुरक्षा का एक बड़ा संदेश भी समाज को दे रहा है।
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