क्या इस साल रद्द होगी श्रीखंड महादेव यात्रा? विशेषज्ञों की टीम ने रिपोर्ट में जताया बड़ा खतरा

हिमाचल प्रदेश की श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। विशेषज्ञों की टीम ने अपनी रिपोर्ट में पूरे मार्ग को असुरक्षित बताते हुए इसे हाई रिस्क जोन घोषित करने की सिफारिश की है।

यात्रा के आयोजन पर संशय

हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 के आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग की सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद इसके आयोजन पर बड़ा संशय जताया है। कुल्लू के डीसी और श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट के अध्यक्ष अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठक में विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा की गई है।

विशेषज्ञों की टीम का बड़ा खुलासा

मार्ग का जायजा लेने के लिए राजस्व विभाग, वन विभाग और अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान (एबीवीमास) के विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम बनाई गई थी। इस टीम ने 8 जून और 18 जून को यात्रा के रास्ते का निरीक्षण किया। अपनी रिपोर्ट में टीम ने साफ तौर पर कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में यात्रा का संचालन करना सुरक्षित नहीं है।

  • भीमद्वारी से पार्वती बाग तक का मार्ग बेहद संवेदनशील है।
  • क्षेत्र में खड़ी ढलान, अस्थिर मिट्टी और फिसलन भरे रास्ते जानलेवा हो सकते हैं।
  • मॉनसून के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
  • भीमद्वारी कैंपिंग स्थल को विशेषज्ञों ने हाई रिस्क जोन करार दिया है।

राहत और बचाव में भी मुश्किलें

रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि यदि इस दुर्गम क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना होती है, तो बचाव कार्य चलाना बहुत मुश्किल होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, वहां अस्थाई पुल या रस्सी के सहारे रास्ते बनाने का विकल्प भी सुरक्षित नहीं है क्योंकि जमीन का हिस्सा बहुत ढीला और अस्थिर है। टीम ने सुझाव दिया है कि इस पूरे क्षेत्र का भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) जैसी संस्थाओं से वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाना चाहिए।

प्रशासन का रुख

डीसी अनुराग चन्द्र शर्मा ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए फिलहाल यात्रा का आयोजन जोखिम भरा है। उन्होंने ट्रस्ट के सदस्यों से कहा है कि यदि इस रिपोर्ट पर कोई आपत्ति है, तो वे अपने लिखित सुझाव तहसीलदार को सौंपें। अंतिम फैसला सभी सुरक्षा पहलुओं की गहन जांच के बाद ही लिया जाएगा।

श्रीखंड महादेव यात्रा की चुनौती

कुल्लू जिले के निरमंड से शुरू होने वाली यह यात्रा करीब 32 किमी लंबी है। श्रद्धालु 19 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित 75 फीट ऊंचे शिवलिंग के दर्शन करने के लिए कठिन चढ़ाई चढ़ते हैं। आमतौर पर यह यात्रा 10 जुलाई से 23 जुलाई के बीच आयोजित की जाती है, जिसमें हर साल बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।

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