मानसून में स्वाद का तड़का
बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच गरमागरम खाना किसे पसंद नहीं होता। ऐसे में मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र का पारंपरिक व्यंजन बेसन और भाकर एक बेहतरीन चुनाव हो सकता है। यह न केवल पेट भरने के लिए अच्छा है, बल्कि इसका चटपटा स्वाद बारिश के मौसम का मजा दोगुना कर देता है। इसे बनाना काफी सरल है और इसमें घर पर उपलब्ध सामान्य सामग्री का ही इस्तेमाल होता है।
इस खास रेसिपी के लिए सामग्री
इस पारंपरिक व्यंजन को तैयार करने के लिए आपको मुख्य रूप से बेसन, भाकर का आटा और कुछ मसालों की जरूरत होती है। विशेषज्ञ वंदना ने बताया कि इस रेसिपी को बनाने में कुल 3 से 4 घंटे का समय लगता है, लेकिन इसका स्वाद हर मेहनत को सार्थक कर देता है।
- बेसन के लिए: 500 ग्राम बेसन, 100 ग्राम बारीक कटा हुआ प्याज, 50 ग्राम बारीक कटी मिर्च, 200 ग्राम तेल, 15 ग्राम नमक, और अदरक-लहसुन का पेस्ट।
- भाकर के लिए: 500 ग्राम ज्वार या बाजरे का आटा और स्वादानुसार नमक।
बनाने की विधि
सबसे पहले एक कड़ाही में 200 ग्राम तेल गरम करें। इसमें जीरे का तड़का लगाएं और फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट, बारीक कटा प्याज और मिर्च डालकर अच्छी तरह भून लें। इसके बाद इसमें थोड़ा पानी मिलाएं और फिर 500 ग्राम बेसन डाल दें। इसमें 15 ग्राम नमक डालकर धीमी आंच पर पकाएं, जिससे आपका स्वादिष्ट और पतला बेसन तैयार हो जाएगा।
भाकर बनाने के लिए 500 ग्राम ज्वार या बाजरे के आटे को थोड़े गर्म पानी की मदद से गूंथ लें। अब इसकी भाकर तैयार करें। आप इसे तवे पर या पारंपरिक चूल्हे पर सेक सकते हैं। चूल्हे पर बनी भाकर और बेसन का मेल बरसात के दिनों में खाने का आनंद कई गुना बढ़ा देता है। यही कारण है कि निमाड़ और बुरहानपुर जैसे क्षेत्रों में लोग मानसून और ठंड के दिनों में इसे बड़े चाव से बनाना पसंद करते हैं।
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