खेजड़ली बलिदान की अमर गाथा
राजस्थान का इतिहास बलिदानों से भरा पड़ा है और इसी कड़ी में खेजड़ली की घटना सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी गौरवशाली इतिहास को जीवंत बनाए रखने के लिए बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी में अमृता देवी इको पार्क को विकसित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। यह पार्क उन 363 शहीदों को समर्पित है, जिन्होंने खेजड़ी के पेड़ों को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।
पार्क की खासियत और सुविधाएं
करीब 22 बीघा भूमि पर तैयार किए जा रहे इस पार्क का निर्माण कार्य लगभग 60 लाख रुपए की लागत से हो रहा है। आम लोगों और आने वाली पीढ़ी के लिए यहां आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया गया है। पार्क में निम्नलिखित प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए वॉकिंग ट्रैक।
- व्यायाम करने के लिए ओपन जिम की व्यवस्था।
- शांतिपूर्ण वातावरण में योग करने के लिए विशेष योग स्थल।
- स्थानीय जलवायु के अनुकूल हजारों नए पौधों का रोपण।
पर्यावरण और शिक्षा का अनूठा संगम
इस इको पार्क को बनाने का मुख्य उद्देश्य केवल हरियाली फैलाना नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की सीख देना भी है। यह स्थल नई पीढ़ी को अमृता देवी विश्नोई के उस त्याग और समर्पण की याद दिलाएगा जिसने पेड़ों की रक्षा के लिए एक बड़ी मिसाल कायम की थी। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से लोग प्रकृति के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगे और क्षेत्र में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
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