विनोद खन्ना की इंटरवल के बाद एंट्री, फिर भी ब्लॉकबस्टर रही यह फिल्म

बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना की फिल्म 'मैं तुलसी तेरे आंगन की' ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा था। फिल्म में अभिनेता की एंट्री इंटरवल के बाद हुई थी, इसके बावजूद यह सुपरहिट साबित हुई और आज भी इसके गाने दर्शकों की पहली पसंद हैं।

सिनेमाई इतिहास की खास फिल्म

दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत साल 1968 में 'मन का मीत' से की थी। बॉलीवुड में सुनील दत्त उन्हें लेकर आए थे। अपने करियर के शुरुआती दौर में विनोद खन्ना ने विलेन के रूप में पहचान बनाई, लेकिन धीरे-धीरे वह ऐसे सुपरस्टार बन गए जो अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गजों को कड़ी टक्कर देने लगे। विनोद खन्ना के स्टारडम का आलम यह था कि अपने करियर के चरम पर उन्होंने कई लीक से हटकर फिल्में कीं, जिनमें से एक थी 'मैं तुलसी तेरे आंगन की'। इस फिल्म की सबसे खास बात यह रही कि इसमें विनोद खन्ना की एंट्री इंटरवल के बाद हुई, फिर भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई।

फिल्म का निर्माण और संगीत

राज खोसला द्वारा निर्देशित यह फिल्म 4 अगस्त 1978 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यह कहानी चंद्रकांत काकोडकर के मराठी उपन्यास 'अशी तुझी प्रीत' पर आधारित थी। फिल्म में नूतन, आशा पारेख, विनोद खन्ना, देब मुखर्जी और विजय आनंद ने अपनी कला का प्रदर्शन किया था। फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने तैयार किया था। फिल्म का टाइटल सॉन्ग 'मैं तुलसी तेरे आंगन की' इतना मशहूर हुआ कि वह आज भी लोकप्रिय है। इसके साथ ही फिल्म के अन्य गीत जैसे 'छाप तिलक सब छीनी' और 'ये खिड़की जो बंद रहती है' भी सुपरहिट रहे थे।

नूतन और आशा पारेख का अभिनय

इस फिल्म ने नूतन और आशा पारेख के करियर में एक नई जान फूँक दी थी। फिल्म का एक दृश्य, जिसमें नूतन और आशा पारेख आमने-सामने होती हैं, आज भी सिनेमा प्रेमियों के जेहन में दर्ज है। फिल्म में आशा पारेख ने तुलसी का किरदार निभाया था, जबकि नूतन ने संजुक्ता चौहान की भूमिका अदा की थी। संजुक्ता का तुलसी से कहना कि 'तू बिन ब्याही सुहागन है, मैं एक कुंआरी ब्याहता' संवाद फिल्म का सबसे भावुक पल बन गया। नूतन को उनके शानदार अभिनय के लिए फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला था।

विजय आनंद और राज खोसला की दोस्ती

फिल्म के निर्देशन के दौरान पर्दे के पीछे की कहानी भी काफी रोचक रही है। राज खोसला और विजय आनंद की 20 साल पुरानी दोस्ती इस फिल्म के दौरान टूट गई थी। विजय आनंद फिल्म के सेट पर राज खोसला के देरी से आने के कारण काफी परेशान रहते थे। फिल्म रिलीज होने के समय तक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विजय आनंद का रोल काफी कम कर दिया गया और उन्होंने फिल्म के ट्रायल के बीच से ही दूरी बना ली। इसके बाद उन्होंने फिर कभी राज खोसला के साथ काम नहीं किया।

बजट और कमाई के आंकड़े

विनोद खन्ना ने इस फिल्म में छोटा रोल होने के बावजूद अपनी सहमति जताई थी क्योंकि वह राज खोसला के साथ काम करना पसंद करते थे। फिल्म का बजट करीब 1.25 करोड़ रुपये था और इसने बॉक्स ऑफिस पर 2.75 करोड़ रुपये की कमाई की थी। पोस्टर पर विनोद खन्ना का चेहरा प्रमुखता से होने के कारण दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर काफी उत्साह था और यह फिल्म अपने समय की बड़ी सफल फिल्मों में गिनी गई।

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